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Panchkula News: 7 सेक्टरों के 500 मकान मालिकों को एचएसवीपी ने थमाया नोटिस
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-स्टिल्ट प्लस फोर और ग्रीन बेल्ट की आड़ में अवैध कब्जों को हटाने की तैयारी
पंचकूला। स्टिल्ट प्लस फोर और मकानों के बाहर सड़कों और सार्वजनिक ग्रीन बेल्ट के खिलाफ किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्रवाई करने की तैयारी में है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद सात सेक्टरों के करीब 500 मकान मालिकों को एचएसवीपी ने नोटिस थमाया है। शेष सेक्टरों में नोटिस देने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग अतिक्रमण विंग ने सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट केस वालों को छोड़कर सभी पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस 40 दिवसीय अभियान के तहत शहर के अलग-अलग सेक्टरों में सड़कों के किनारे (रोड बर्म) किए गए अवैध निर्माणों और स्टिल्ट+4 मंजिला इमारतों की आड़ में ग्रीन बेल्ट पर पसरे कब्जों को ढहाया जाना था, लेकिन पहले विभाग ने नोटिस जारी किया।
एचएसवीपी के एसडीओ बलराज सिंह ने बताया कि पूरे शहर में एक साथ कार्रवाई के लिए 4 विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों की कमान एसडीओ और जूनियर इंजीनियरों (जेई) को सौंपी गई हैं। कागजी आदेशों के मुताबिक, मुहिम को सिरे चढ़ाने के लिए डीसीपी पंचकूला को साफ निर्देश हैं कि वे तोड़फोड़ के दौरान विभिन्न थानों के एसएचओ की अगुवाई में 50 पुलिस जवानों की टुकड़ी मुस्तैद रखें। यह फोर्स ड्यूटी मजिस्ट्रेट की सुरक्षा के साथ-साथ मौके पर ट्रैफिक और कानून व्यवस्था संभालेगी। इसके अलावा, हुड्डा के कार्यकारी अभियंताओं को हर कार्रवाई के दौरान भारी लेबर के साथ 2 जेसीबी और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर तैनात रखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा गया है, लेकिन ये तमाम इंतजाम पहले दिन सिर्फ फाइलों में ही मुस्तैद दिखे।
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क्यों कड़े करने पड़े नियम?
सरकार ने शहरों में गहराते पार्किंग संकट को देखते हुए ही नियमों के मुताबिक एस प्लस 4 मंजिला मकानों को मंजूरी दी थी। इसके पीछे मुख्य मकसद यह था कि ग्राउंड फ्लोर का उपयोग केवल गाड़ियों की पार्किंग के लिए हो। लेकिन धरातल पर खेल उल्टा हो गया। मकान मालिकों और बिल्डरों ने स्टिल्ट एरिया को खुला छोड़ने के बजाय वहां दीवारें चुन दीं। नतीजा यह हुआ कि वहां रहने वाले लोग अपनी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी करने के बजाय मुख्य सड़कों पर खड़ी करने लगे, जिससे हर वक्त जाम के हालात बने रहते हैं। अब नियम कड़ा कर दिया गया है कि स्टिल्ट एरिया के आगे पक्की बाउंड्री वॉल नहीं, बल्कि केवल स्लाइडिंग गेट ही लगाया जा सकेगा।
-आंकड़ों की नजर में स्टिल्ट प्लस फोर का सच
-700 मकानों के नक्शे अब तक एचएसवीपी की ओर से पास किए जा चुके हैं।
-60 फीसदी (करीब 350) मकानों में वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
-15 फीसदी मकानों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और लोग वहां रह रहे हैं।
-25 फीसदी प्लॉट मालिकों के यहां निर्माण शुरू होने की प्रक्रिया चल रही है।
प्लॉट के साइज के हिसाब से ओपन एरिया की बाध्यता
-75 वर्गमीटर तक, फ्रंट 1.0 मीटर, बैक 1.5 मीटर
-75-150 वर्गमीटर, फ्रंट 1.5 मीटर, बैक 2.0 मीटर
-150-250 वर्गमीटर, फ्रंट 2.0 मीटर, बैक 2.0 मीटर
250 वर्गमीटर से अधिक, फ्रंट व बैक 3.0 मीटर
बैकसाइड में बालकनी या छज्जा बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
पार्किंग के लिए तय मानक (प्रति फ्लोर)
500 वर्गमीटर प्लॉट, प्रति फ्लोर 2 कारें
250-500 वर्गमीटर, 1.5 कार प्रति फ्लोर
100-250 वर्गमीटर, 1 कार प्रति फ्लोर
100 वर्गमीटर तक, 0.5 कार प्रति फ्लोर
प्रत्येक फ्लोर के लिए तय एफएआर का पालन अनिवार्य है। ग्राउंड फ्लोर पर सर्विस रूम या टॉयलेट के लिए भी बेहद सीमित जगह (16-20 वर्ग मीटर) की ही अनुमति है। तय सीमा से ज्यादा कवर किया गया एरिया अवैध माना जाएगा और उस पर बुलडोजर चल सकता है।
पंचकूला। स्टिल्ट प्लस फोर और मकानों के बाहर सड़कों और सार्वजनिक ग्रीन बेल्ट के खिलाफ किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्रवाई करने की तैयारी में है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद सात सेक्टरों के करीब 500 मकान मालिकों को एचएसवीपी ने नोटिस थमाया है। शेष सेक्टरों में नोटिस देने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग अतिक्रमण विंग ने सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट केस वालों को छोड़कर सभी पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस 40 दिवसीय अभियान के तहत शहर के अलग-अलग सेक्टरों में सड़कों के किनारे (रोड बर्म) किए गए अवैध निर्माणों और स्टिल्ट+4 मंजिला इमारतों की आड़ में ग्रीन बेल्ट पर पसरे कब्जों को ढहाया जाना था, लेकिन पहले विभाग ने नोटिस जारी किया।
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एचएसवीपी के एसडीओ बलराज सिंह ने बताया कि पूरे शहर में एक साथ कार्रवाई के लिए 4 विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों की कमान एसडीओ और जूनियर इंजीनियरों (जेई) को सौंपी गई हैं। कागजी आदेशों के मुताबिक, मुहिम को सिरे चढ़ाने के लिए डीसीपी पंचकूला को साफ निर्देश हैं कि वे तोड़फोड़ के दौरान विभिन्न थानों के एसएचओ की अगुवाई में 50 पुलिस जवानों की टुकड़ी मुस्तैद रखें। यह फोर्स ड्यूटी मजिस्ट्रेट की सुरक्षा के साथ-साथ मौके पर ट्रैफिक और कानून व्यवस्था संभालेगी। इसके अलावा, हुड्डा के कार्यकारी अभियंताओं को हर कार्रवाई के दौरान भारी लेबर के साथ 2 जेसीबी और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर तैनात रखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा गया है, लेकिन ये तमाम इंतजाम पहले दिन सिर्फ फाइलों में ही मुस्तैद दिखे।
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सरकार ने शहरों में गहराते पार्किंग संकट को देखते हुए ही नियमों के मुताबिक एस प्लस 4 मंजिला मकानों को मंजूरी दी थी। इसके पीछे मुख्य मकसद यह था कि ग्राउंड फ्लोर का उपयोग केवल गाड़ियों की पार्किंग के लिए हो। लेकिन धरातल पर खेल उल्टा हो गया। मकान मालिकों और बिल्डरों ने स्टिल्ट एरिया को खुला छोड़ने के बजाय वहां दीवारें चुन दीं। नतीजा यह हुआ कि वहां रहने वाले लोग अपनी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी करने के बजाय मुख्य सड़कों पर खड़ी करने लगे, जिससे हर वक्त जाम के हालात बने रहते हैं। अब नियम कड़ा कर दिया गया है कि स्टिल्ट एरिया के आगे पक्की बाउंड्री वॉल नहीं, बल्कि केवल स्लाइडिंग गेट ही लगाया जा सकेगा।
-आंकड़ों की नजर में स्टिल्ट प्लस फोर का सच
-700 मकानों के नक्शे अब तक एचएसवीपी की ओर से पास किए जा चुके हैं।
-60 फीसदी (करीब 350) मकानों में वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
-15 फीसदी मकानों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और लोग वहां रह रहे हैं।
-25 फीसदी प्लॉट मालिकों के यहां निर्माण शुरू होने की प्रक्रिया चल रही है।
प्लॉट के साइज के हिसाब से ओपन एरिया की बाध्यता
-75 वर्गमीटर तक, फ्रंट 1.0 मीटर, बैक 1.5 मीटर
-75-150 वर्गमीटर, फ्रंट 1.5 मीटर, बैक 2.0 मीटर
-150-250 वर्गमीटर, फ्रंट 2.0 मीटर, बैक 2.0 मीटर
250 वर्गमीटर से अधिक, फ्रंट व बैक 3.0 मीटर
बैकसाइड में बालकनी या छज्जा बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
पार्किंग के लिए तय मानक (प्रति फ्लोर)
500 वर्गमीटर प्लॉट, प्रति फ्लोर 2 कारें
250-500 वर्गमीटर, 1.5 कार प्रति फ्लोर
100-250 वर्गमीटर, 1 कार प्रति फ्लोर
100 वर्गमीटर तक, 0.5 कार प्रति फ्लोर
प्रत्येक फ्लोर के लिए तय एफएआर का पालन अनिवार्य है। ग्राउंड फ्लोर पर सर्विस रूम या टॉयलेट के लिए भी बेहद सीमित जगह (16-20 वर्ग मीटर) की ही अनुमति है। तय सीमा से ज्यादा कवर किया गया एरिया अवैध माना जाएगा और उस पर बुलडोजर चल सकता है।