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Panchkula News: बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में पड़ोसी को 10 साल की कैद
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक 13 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 37 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। 49 वर्षीय यह दोषी, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी का रहने वाला है और फिलहाल पंचकूला के एक गांव में रह रहा था, बच्ची की मां की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था।
मामले का विवरण: पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता की मां ने बताया था कि उनकी 13 वर्षीय बेटी 23 जुलाई 2022 को स्कूल से घर लौटने के बाद सामान लेने दुकान गई थी। जब वह देर तक वापस नहीं लौटी, तो मां उसे ढूंढने निकली। इसी दौरान, उसे पड़ोसी के कमरे से बच्ची के चीखने की आवाज सुनाई दी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे धक्का देकर खोलने पर आरोपी बच्ची को जबरदस्ती करते हुए पाया गया। मां के शोर मचाने पर आरोपी भाग निकला। बच्ची ने बाद में बताया कि लगभग दो महीने पहले भी आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया था।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील सुखविंदर कौर ने आरोपी के खिलाफ मजबूत पक्ष रखते हुए उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की दलील दी। उन्होंने कहा कि आरोपी अधेड़ उम्र का है और उसने एक मासूम के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है, इसलिए वह किसी भी तरह की माफी का हकदार नहीं है। अदालत ने प्रत्यक्षदर्शी के बयान, पुलिस की चार्जशीट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत यह फैसला सुनाया।
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पंचकूला। पंचकूला की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक 13 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 37 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। 49 वर्षीय यह दोषी, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी का रहने वाला है और फिलहाल पंचकूला के एक गांव में रह रहा था, बच्ची की मां की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था।
मामले का विवरण: पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता की मां ने बताया था कि उनकी 13 वर्षीय बेटी 23 जुलाई 2022 को स्कूल से घर लौटने के बाद सामान लेने दुकान गई थी। जब वह देर तक वापस नहीं लौटी, तो मां उसे ढूंढने निकली। इसी दौरान, उसे पड़ोसी के कमरे से बच्ची के चीखने की आवाज सुनाई दी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे धक्का देकर खोलने पर आरोपी बच्ची को जबरदस्ती करते हुए पाया गया। मां के शोर मचाने पर आरोपी भाग निकला। बच्ची ने बाद में बताया कि लगभग दो महीने पहले भी आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया था।
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अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील सुखविंदर कौर ने आरोपी के खिलाफ मजबूत पक्ष रखते हुए उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की दलील दी। उन्होंने कहा कि आरोपी अधेड़ उम्र का है और उसने एक मासूम के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है, इसलिए वह किसी भी तरह की माफी का हकदार नहीं है। अदालत ने प्रत्यक्षदर्शी के बयान, पुलिस की चार्जशीट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत यह फैसला सुनाया।
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