{"_id":"69729758205e661b800e5c93","slug":"petition-in-high-court-on-ward-demarcation-of-panchkula-municipal-corporation-and-declining-scheduled-caste-population-panchkula-news-c-87-1-pan1001-132065-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी और घटती अनुसूचित जाति आबादी पर हाईकोर्ट में याचिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी और घटती अनुसूचित जाति आबादी पर हाईकोर्ट में याचिका
विज्ञापन
विज्ञापन
29212 की आबादी में कमी और मेयर पद ड्रॉ पर सवाल, सुनवाई 18 फरवरी को
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी और बीते पांच वर्षों में अनुसूचित जाति की आबादी में 29212 की कमी के मुद्दे पर याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई है। यह जानकारी सांसद वरुण चौधरी ने रेड बिशप में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। याचिकाकर्ता पूर्व पार्षद ऊषा रानी, सलीम खान, परमजीत कौर, गुरमेल कौर, पंकज, संदीप सिंह और नरेश रावल हैं।
सांसद ने बताया कि याचिका में 22 जनवरी 2026 को मेयर पद का ड्रॉ रोकने और नगर निगम में अनुसूचित जाति के आरक्षित चार वार्डों को घटाकर तीन करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि पंचकूला नगर निगम में 2012 में अनुसूचित जाति की आबादी 47223 थी, जो 2020 में 70679 हुई थी, लेकिन 04 सितंबर 2025 को यह घटकर 41467 रह गई। याचिकाकर्ताओं ने इसे संदेहास्पद बताते हुए चुनौती दी है क्योंकि वार्डबंदी के लिए सरकार ने परिवार पहचान पत्र का डेटा इस्तेमाल किया है, जबकि कानून के अनुसार अंतिम प्रकाशित जनगणना को ही आधार माना जाना चाहिए।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम के 20 वार्डों में बीसी ए और बीसी बी के लिए आरक्षित वार्ड अब महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं, जबकि कानून के अनुसार केवल एक तिहाई आरक्षण देना चाहिए।
पूर्व अध्यक्ष और एडवोकेट रविंद्र रावल ने बताया कि 20 जनवरी को जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ में सुनवाई हुई और अगली सुनवाई 18 फरवरी 2026 को होगी।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी और बीते पांच वर्षों में अनुसूचित जाति की आबादी में 29212 की कमी के मुद्दे पर याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई है। यह जानकारी सांसद वरुण चौधरी ने रेड बिशप में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। याचिकाकर्ता पूर्व पार्षद ऊषा रानी, सलीम खान, परमजीत कौर, गुरमेल कौर, पंकज, संदीप सिंह और नरेश रावल हैं।
सांसद ने बताया कि याचिका में 22 जनवरी 2026 को मेयर पद का ड्रॉ रोकने और नगर निगम में अनुसूचित जाति के आरक्षित चार वार्डों को घटाकर तीन करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पंचकूला नगर निगम में 2012 में अनुसूचित जाति की आबादी 47223 थी, जो 2020 में 70679 हुई थी, लेकिन 04 सितंबर 2025 को यह घटकर 41467 रह गई। याचिकाकर्ताओं ने इसे संदेहास्पद बताते हुए चुनौती दी है क्योंकि वार्डबंदी के लिए सरकार ने परिवार पहचान पत्र का डेटा इस्तेमाल किया है, जबकि कानून के अनुसार अंतिम प्रकाशित जनगणना को ही आधार माना जाना चाहिए।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम के 20 वार्डों में बीसी ए और बीसी बी के लिए आरक्षित वार्ड अब महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं, जबकि कानून के अनुसार केवल एक तिहाई आरक्षण देना चाहिए।
पूर्व अध्यक्ष और एडवोकेट रविंद्र रावल ने बताया कि 20 जनवरी को जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ में सुनवाई हुई और अगली सुनवाई 18 फरवरी 2026 को होगी।