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Panchkula News: बुर्ज कोटिया नदी में बढ़ी पर्यटकों की भीड़, रोकने वाला कोई नहीं
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पंचकूला। पिंजौर स्थित बुर्ज कोटिया नदी में प्रशासन की पाबंदी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौज-मस्ती के लिए पहुंच रहे हैं। खासकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और रील्स के कारण दूर-दूर से युवक, परिवार और छोटे बच्चों के साथ लोग यहां पहुंच रहे हैं। नदी में उतरने पर प्रतिबंध होने के बावजूद लोग चेतावनियों को नजरअंदाज कर पानी में नहाते और सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
वीकेंड और छुट्टियों के दौरान यहां सबसे अधिक भीड़ रहती है। कई लोग छोटे बच्चों को भी नदी में लेकर उतर जाते हैं, जबकि नदी का तल असमान है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने पर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ ही मिनटों में पानी का बहाव खतरनाक रूप ले सकता है और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। बुर्ज कोटिया नदी पहले भी कई दर्दनाक हादसों की गवाह रही है। वर्ष 2017 में यहां घूमने आए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद वर्ष 2019 में एक युवक गहरे पानी में फंस गया और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। वर्ष 2022 में बरसात के दौरान तेज बहाव में बहने से दो युवकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा अलग-अलग वर्षों में कई लोगों को स्थानीय निवासियों और बचाव दलों की मदद से सुरक्षित निकाला गया, लेकिन हर बार हादसे की आशंका बनी रही। मोरनी क्षेत्र में थापली के पास टांगरी/घग्गर नदी में नहाते समय डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी। अप्रैल 2026 में चंडीगढ़ निवासी युवक अपने दोस्तों के साथ घूमने आया हुआ था। 15-16 फीट गहरे कुंड में डूबने से मौत हो गई थी।
-बड़ी संख्या में मौज मस्ती के लिए पहुंच रहे लोग
शनिवार को भी नदी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग दिखाई दिए। कई युवक पानी के बीच तक चले गए, जबकि कुछ लोग पत्थरों पर बैठकर वीडियो और फोटो बनाते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि मौके पर सुरक्षा के इंतजाम या लगातार निगरानी व्यवस्था दिखाई नहीं दी। पुलिस की नियमित गश्त, बैरिकेडिंग और सख्त निगरानी नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है ऐसे में पहले बुर्ज कोटिया नदी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जानी चाहिए और लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर दिखने वाले वीडियो के प्रभाव में आकर अपने बच्चों की जान जोखिम में न डालें और प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बचें।
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मैंने हाल ही में पिंजौर थाना प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाला है, इसलिए बुर्ज कोटिया नदी में पहले हुई घटनाओं की विस्तृत जानकारी मेरे पास फिलहाल नहीं है। हालांकि, यदि नदी क्षेत्र में लोगों के जाने पर प्रतिबंध है तो पुलिस नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। -राजेश कुमार, एसएचओ, पिंजौर थाना
वीकेंड और छुट्टियों के दौरान यहां सबसे अधिक भीड़ रहती है। कई लोग छोटे बच्चों को भी नदी में लेकर उतर जाते हैं, जबकि नदी का तल असमान है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने पर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ ही मिनटों में पानी का बहाव खतरनाक रूप ले सकता है और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। बुर्ज कोटिया नदी पहले भी कई दर्दनाक हादसों की गवाह रही है। वर्ष 2017 में यहां घूमने आए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद वर्ष 2019 में एक युवक गहरे पानी में फंस गया और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। वर्ष 2022 में बरसात के दौरान तेज बहाव में बहने से दो युवकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा अलग-अलग वर्षों में कई लोगों को स्थानीय निवासियों और बचाव दलों की मदद से सुरक्षित निकाला गया, लेकिन हर बार हादसे की आशंका बनी रही। मोरनी क्षेत्र में थापली के पास टांगरी/घग्गर नदी में नहाते समय डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी। अप्रैल 2026 में चंडीगढ़ निवासी युवक अपने दोस्तों के साथ घूमने आया हुआ था। 15-16 फीट गहरे कुंड में डूबने से मौत हो गई थी।
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-बड़ी संख्या में मौज मस्ती के लिए पहुंच रहे लोग
शनिवार को भी नदी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग दिखाई दिए। कई युवक पानी के बीच तक चले गए, जबकि कुछ लोग पत्थरों पर बैठकर वीडियो और फोटो बनाते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि मौके पर सुरक्षा के इंतजाम या लगातार निगरानी व्यवस्था दिखाई नहीं दी। पुलिस की नियमित गश्त, बैरिकेडिंग और सख्त निगरानी नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है ऐसे में पहले बुर्ज कोटिया नदी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जानी चाहिए और लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर दिखने वाले वीडियो के प्रभाव में आकर अपने बच्चों की जान जोखिम में न डालें और प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बचें।
मैंने हाल ही में पिंजौर थाना प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाला है, इसलिए बुर्ज कोटिया नदी में पहले हुई घटनाओं की विस्तृत जानकारी मेरे पास फिलहाल नहीं है। हालांकि, यदि नदी क्षेत्र में लोगों के जाने पर प्रतिबंध है तो पुलिस नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। -राजेश कुमार, एसएचओ, पिंजौर थाना