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Panchkula News: 17 एकड़ जमीन की अवैध रजिस्ट्री में रायपुररानी का तहसीलदार गिरफ्तार
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आरोपी को ले जाती एसीबी की टीम
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एसडीएम की अनुमति के बिना स्टे हटाकर करवाई गई थी रजिस्ट्री, तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पर्ल ग्रुप से जुड़ी 17 एकड़ जमीन पर लगे स्टे को अवैध रूप से हटाकर रजिस्ट्री कराने के मामले में स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रायपुररानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार रात मामला दर्ज करने के बाद शनिवार सुबह चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तारी की गई। आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार ने बिना एसडीएम की अनुमति के शाहपुर गांव स्थित 18 एकड़ जमीन से स्टे हटाकर 16 अक्टूबर 2025 को उसकी रजिस्ट्री करवा दी थी। यह जमीन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत स्टे में थी और जब्तशुदा संपत्ति मानी जा रही थी।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने तहसीलदार के आवास पर करीब पांच घंटे तक कार्रवाई की। इस दौरान प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, चेक, नकदी और कई अहम रिकॉर्ड बरामद किए गए।
रिमांड के दौरान यह जांच की जाएगी कि स्टे हटाने और रजिस्ट्री कराने में कौन-कौन से प्रशासनिक और निजी लोग शामिल थे और क्या किसी प्रकार का लाभ लिया गया। एसीबी यह भी पता लगाएगी कि जिन लोगों के नाम जमीन की रजिस्ट्री हुई उनका प्रशासनिक अधिकारियों से कोई संबंध है या नहीं। तहसील के कर्मचारियों से भी पूछताछ की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025 में यह रजिस्ट्री पंजाब निवासी महिला ने नवीन नामक व्यक्ति के नाम करवाई थी। इस मामले की शिकायत सबसे पहले पर्ल ग्रुप के डायरेक्टर ने की थी इसके बाद पर्ल इन्वेस्टर्स वेलफेयर ट्रस्ट और पंचकूला एसडीएम ने भी सरकार की एजेंसियों को शिकायत भेजी थी। दिसंबर में सीबीआई को दी शिकायत में भी जमीन की अवैध बिक्री और प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाया गया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पर्ल ग्रुप से जुड़ी 17 एकड़ जमीन पर लगे स्टे को अवैध रूप से हटाकर रजिस्ट्री कराने के मामले में स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रायपुररानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार रात मामला दर्ज करने के बाद शनिवार सुबह चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तारी की गई। आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार ने बिना एसडीएम की अनुमति के शाहपुर गांव स्थित 18 एकड़ जमीन से स्टे हटाकर 16 अक्टूबर 2025 को उसकी रजिस्ट्री करवा दी थी। यह जमीन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत स्टे में थी और जब्तशुदा संपत्ति मानी जा रही थी।
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गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने तहसीलदार के आवास पर करीब पांच घंटे तक कार्रवाई की। इस दौरान प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, चेक, नकदी और कई अहम रिकॉर्ड बरामद किए गए।
रिमांड के दौरान यह जांच की जाएगी कि स्टे हटाने और रजिस्ट्री कराने में कौन-कौन से प्रशासनिक और निजी लोग शामिल थे और क्या किसी प्रकार का लाभ लिया गया। एसीबी यह भी पता लगाएगी कि जिन लोगों के नाम जमीन की रजिस्ट्री हुई उनका प्रशासनिक अधिकारियों से कोई संबंध है या नहीं। तहसील के कर्मचारियों से भी पूछताछ की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025 में यह रजिस्ट्री पंजाब निवासी महिला ने नवीन नामक व्यक्ति के नाम करवाई थी। इस मामले की शिकायत सबसे पहले पर्ल ग्रुप के डायरेक्टर ने की थी इसके बाद पर्ल इन्वेस्टर्स वेलफेयर ट्रस्ट और पंचकूला एसडीएम ने भी सरकार की एजेंसियों को शिकायत भेजी थी। दिसंबर में सीबीआई को दी शिकायत में भी जमीन की अवैध बिक्री और प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाया गया था।
