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Panipat News: मतलौडा में 24 एमएम बारिश, मंगलवार को भारी बारिश के आसार
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मतलौडा सेंट्रल बैंक वाली गली में जमा बारिश का पानी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। आषाढ़ मास के अंतिम दिनों में सोमवार को जिले में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह से ही हल्के व मध्यम बादलों की आवाजाही लगी रही। इससे दोपहर से पहले हवा की रफ्तार थमने के कारण लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद जिले के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी से लोगों को भीषण गर्मी व उमस से बड़ी राहत मिली। बारिश के कारण मतलौडा में सर्वाधिक 24 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जबकि इसराना में दो एमएम बारिश हुई।
बारिश होने से जिले के अधिकतम तापमान में एक डिग्री और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि हवा की रफ्तार आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। स्थानीय निवासी रणधीर (सिवाह) ने बताया कि रविवार को दिनभर धूप खिलने से रात में भी गर्मी महसूस हो रही थी लेकिन सोमवार दोपहर की बारिश ने मौसम खुशनुमा बना दिया।
धान की फसल के लिए तेज बारिश का इंतजार
मौसम विभाग ने मंगलवार को जिले में तेज बारिश होने के आसार जताए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि आगामी कई दिनों तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। पूरे सप्ताह बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना को देखते हुए उन्होंने किसानों को फिलहाल धान की फसल में अतिरिक्त सिंचाई न करने की सलाह दी है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए इस समय तेज बारिश की जरूरत है ताकि सिंचाई का खर्च बच सके।
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जलभराव से बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खतरा, स्वास्थ्य विभाग सचेत
पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे डेंगू और मलेरिया का लार्वा पनपने लगा है। जिले में अब तक मलेरिया के पांच और डेंगू के तीन मामले सामने आ चुके हैं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सचेत हो गया है और मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग शुरू करा दी गई है।
यहां इतनी हुई बारिश (एमएम में) खंड बारिश
मतलौडा 24
इसराना 02
पानीपत 00
समालखा 00
बापौली 00
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पानीपत। आषाढ़ मास के अंतिम दिनों में सोमवार को जिले में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह से ही हल्के व मध्यम बादलों की आवाजाही लगी रही। इससे दोपहर से पहले हवा की रफ्तार थमने के कारण लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद जिले के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी से लोगों को भीषण गर्मी व उमस से बड़ी राहत मिली। बारिश के कारण मतलौडा में सर्वाधिक 24 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जबकि इसराना में दो एमएम बारिश हुई।
बारिश होने से जिले के अधिकतम तापमान में एक डिग्री और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि हवा की रफ्तार आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। स्थानीय निवासी रणधीर (सिवाह) ने बताया कि रविवार को दिनभर धूप खिलने से रात में भी गर्मी महसूस हो रही थी लेकिन सोमवार दोपहर की बारिश ने मौसम खुशनुमा बना दिया।
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धान की फसल के लिए तेज बारिश का इंतजार
मौसम विभाग ने मंगलवार को जिले में तेज बारिश होने के आसार जताए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि आगामी कई दिनों तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। पूरे सप्ताह बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना को देखते हुए उन्होंने किसानों को फिलहाल धान की फसल में अतिरिक्त सिंचाई न करने की सलाह दी है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए इस समय तेज बारिश की जरूरत है ताकि सिंचाई का खर्च बच सके।
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जलभराव से बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खतरा, स्वास्थ्य विभाग सचेत
पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे डेंगू और मलेरिया का लार्वा पनपने लगा है। जिले में अब तक मलेरिया के पांच और डेंगू के तीन मामले सामने आ चुके हैं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सचेत हो गया है और मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग शुरू करा दी गई है।
यहां इतनी हुई बारिश (एमएम में) खंड बारिश
मतलौडा 24
इसराना 02
पानीपत 00
समालखा 00
बापौली 00