{"_id":"69c849fea959ef5048016bea","slug":"300-dyeing-factories-shut-down-due-to-non-availability-of-cylinders-panipat-news-c-244-1-pnp1001-154543-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सिलिंडर नहीं मिलने से बंद हुए 300 रंगाई कारखाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सिलिंडर नहीं मिलने से बंद हुए 300 रंगाई कारखाने
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। एलपीजी न मिलने पर करीब 300 कारखाने बंद पड़े हैं। वहीं पीएनजी की भी 600 यूनिट तय करने से उद्योगों को पूरी क्षमता पर नहीं चलाया जा पा रहा है। ऐसे में निर्यात और घरेलू बाजार लगातार प्रभावित हो रहा है। डाइंग उद्योग रंगाई का रेट पहले ही 25 प्रतिशत तक बढ़ा चुका है। इस स्थिति में टेक्सटाइल उद्योग लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
पानीपत में करीब 37 हजार उद्योग हैं। पश्चिमी एशिया में तनाव के बाद इन देशों में निर्यात बंद है। इसके साथ वहां से आयात कम होने पर केमिकल और दूसरे उत्पाद महंगे हो गए हैं। डाइंग उद्योग ने केमिकल रॉ मैटीरियल के महंगा होने पर रंगाई के रेट 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि केमिकल व रंगों के रेट लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में लागत पूरी नहीं हो पा रही थी। एसोसिएशन को मजबूरीवश रेट बढ़ाने पड़े हैं।
रंगाई उद्योग टेक्सटाइल उद्योग का आधार है। ऐसे में टेक्सटाइल उद्यमियों के सामने भी चुनौती आ गई हैं। सेक्टर-29 पार्ट-वन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि उद्योगों में एलपीजी पहले ही बंद कर दी और पीएनजी के प्रयोग की सीमा तय कर दी। अब उद्यमी 600 यूनिट से अधिक पीएनजी का प्रयोग नहीं कर सकते। इतनी यूनिट में एक दिन पूरी क्षमता के साथ उद्योग नहीं चल पा रहा है। सरकार को इसके लिए जरूरी कदम उठाना चाहिए। उद्योग पहले ही अमेरिका टैरिफ के चलते प्रभावित है।
Trending Videos
पानीपत। एलपीजी न मिलने पर करीब 300 कारखाने बंद पड़े हैं। वहीं पीएनजी की भी 600 यूनिट तय करने से उद्योगों को पूरी क्षमता पर नहीं चलाया जा पा रहा है। ऐसे में निर्यात और घरेलू बाजार लगातार प्रभावित हो रहा है। डाइंग उद्योग रंगाई का रेट पहले ही 25 प्रतिशत तक बढ़ा चुका है। इस स्थिति में टेक्सटाइल उद्योग लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
पानीपत में करीब 37 हजार उद्योग हैं। पश्चिमी एशिया में तनाव के बाद इन देशों में निर्यात बंद है। इसके साथ वहां से आयात कम होने पर केमिकल और दूसरे उत्पाद महंगे हो गए हैं। डाइंग उद्योग ने केमिकल रॉ मैटीरियल के महंगा होने पर रंगाई के रेट 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि केमिकल व रंगों के रेट लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में लागत पूरी नहीं हो पा रही थी। एसोसिएशन को मजबूरीवश रेट बढ़ाने पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रंगाई उद्योग टेक्सटाइल उद्योग का आधार है। ऐसे में टेक्सटाइल उद्यमियों के सामने भी चुनौती आ गई हैं। सेक्टर-29 पार्ट-वन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि उद्योगों में एलपीजी पहले ही बंद कर दी और पीएनजी के प्रयोग की सीमा तय कर दी। अब उद्यमी 600 यूनिट से अधिक पीएनजी का प्रयोग नहीं कर सकते। इतनी यूनिट में एक दिन पूरी क्षमता के साथ उद्योग नहीं चल पा रहा है। सरकार को इसके लिए जरूरी कदम उठाना चाहिए। उद्योग पहले ही अमेरिका टैरिफ के चलते प्रभावित है।