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Panipat News: एफपीओ बिजली कनेक्शन घोटाले में कार्रवाई तेज, 112 किसानों को नाेटिस
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- छह जेई व चार लाइनमैन चार्जशीट, सात दिन में प्रमाण पत्र न देने पर कटेंगे कनेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) श्रेणी के बिजली कनेक्शनों में सामने आए फर्जीवाड़े के मामले में अब कार्रवाई तेज कर दी है है। विजिलेंस और बिजली निगम की संयुक्त जांच में खुलासा होने के बाद छह जूनियर इंजीनियर (जेई) और चार लाइनमैन को चार्जशीट किया गया है, वहीं 112 किसानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने का अल्टीमेटम दिया गया है।
जांच में सामने आया कि किसानों ने सब्जी, मधुमक्खी पालन या मत्स्य पालन का शपथ पत्र देकर एफपीओ श्रेणी में कनेक्शन हासिल किए, लेकिन वास्तविक उपयोग धान और गेहूं की खेती में किया जा रहा था। वर्ष 2022 से 2026 के बीच जारी 154 कनेक्शनों में से 112 मामलों में अनियमितताएं पाई गई हैं। निगम ने संबंधित क्षेत्रों में भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें नियमों के विपरीत उपयोग की पुष्टि हुई। अब संबंधित किसानों को वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में प्रमाण पत्र न देने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
बॉक्स
ऐसे हुआ खेल
एफपीओ श्रेणी के तहत कनेक्शन जल्दी मिलने के कारण किसानों ने इस विकल्प का सहारा लिया। सामान्य ट्यूबवेल कनेक्शन में जहां लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं एफपीओ कनेक्शन एक माह के अंदर मिल जाता है। इसी का फायदा उठाते हुए कई किसानों ने गलत शपथ पत्र देकर कनेक्शन ले लिए बाद में उसका उपयोग पारंपरिक खेती में करने लगे। बिजली निगम अब कनेक्शन काटने के साथ वित्तीय नुकसान की भरपाई भी संबंधित कर्मचारियों से करेगा।
बॉक्स
निचले कर्मचारियों पर कार्रवाई का विरोध में उतरी यूनियन
इधर यूनियन ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन, हेड ऑफिस हिसार के आह्वान पर यूनियन हड़ताल पर चल गई है। यूनियन नेताओं सब अर्बन डिवीजन एक्सईएन के खिलाफ नारेबाजी की। यूनिट खजांची लोकेश राणा ने अध्यक्षता और संचालन मतलौडा सब यूनिट प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने किया। बैठक में स्टेट उपप्रधान जितेंद्र सैनी, स्टेट मेंबर अमित कुमार, तीनों सब यूनिट के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया। यूनियन नेताओं ने कहा कि इसराना सब डिवीजन में मत्स्य पालन श्रेणी के बिजली कनेक्शनों की जांच के नाम पर केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। यह पूरी तरह अनुचित है। उनका आरोप है कि इस मामले में उच्च अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जन-
मामले में विजिलेंस जांच जारी है। जिन कर्मचारियों व किसानों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम को हुए नुकसान की भरपाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
- मनोज कुंडू, एसडीओ, इसराना सब-डिवीजन।
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पानीपत। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) श्रेणी के बिजली कनेक्शनों में सामने आए फर्जीवाड़े के मामले में अब कार्रवाई तेज कर दी है है। विजिलेंस और बिजली निगम की संयुक्त जांच में खुलासा होने के बाद छह जूनियर इंजीनियर (जेई) और चार लाइनमैन को चार्जशीट किया गया है, वहीं 112 किसानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने का अल्टीमेटम दिया गया है।
जांच में सामने आया कि किसानों ने सब्जी, मधुमक्खी पालन या मत्स्य पालन का शपथ पत्र देकर एफपीओ श्रेणी में कनेक्शन हासिल किए, लेकिन वास्तविक उपयोग धान और गेहूं की खेती में किया जा रहा था। वर्ष 2022 से 2026 के बीच जारी 154 कनेक्शनों में से 112 मामलों में अनियमितताएं पाई गई हैं। निगम ने संबंधित क्षेत्रों में भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें नियमों के विपरीत उपयोग की पुष्टि हुई। अब संबंधित किसानों को वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में प्रमाण पत्र न देने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे हुआ खेल
एफपीओ श्रेणी के तहत कनेक्शन जल्दी मिलने के कारण किसानों ने इस विकल्प का सहारा लिया। सामान्य ट्यूबवेल कनेक्शन में जहां लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं एफपीओ कनेक्शन एक माह के अंदर मिल जाता है। इसी का फायदा उठाते हुए कई किसानों ने गलत शपथ पत्र देकर कनेक्शन ले लिए बाद में उसका उपयोग पारंपरिक खेती में करने लगे। बिजली निगम अब कनेक्शन काटने के साथ वित्तीय नुकसान की भरपाई भी संबंधित कर्मचारियों से करेगा।
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निचले कर्मचारियों पर कार्रवाई का विरोध में उतरी यूनियन
इधर यूनियन ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन, हेड ऑफिस हिसार के आह्वान पर यूनियन हड़ताल पर चल गई है। यूनियन नेताओं सब अर्बन डिवीजन एक्सईएन के खिलाफ नारेबाजी की। यूनिट खजांची लोकेश राणा ने अध्यक्षता और संचालन मतलौडा सब यूनिट प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने किया। बैठक में स्टेट उपप्रधान जितेंद्र सैनी, स्टेट मेंबर अमित कुमार, तीनों सब यूनिट के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया। यूनियन नेताओं ने कहा कि इसराना सब डिवीजन में मत्स्य पालन श्रेणी के बिजली कनेक्शनों की जांच के नाम पर केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। यह पूरी तरह अनुचित है। उनका आरोप है कि इस मामले में उच्च अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जन-
मामले में विजिलेंस जांच जारी है। जिन कर्मचारियों व किसानों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम को हुए नुकसान की भरपाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
- मनोज कुंडू, एसडीओ, इसराना सब-डिवीजन।

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