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Panipat News: मुक्केबाजी में दमदार प्रदर्शन से अमन घणघस को मिली बीएसएफ में नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 09 Jun 2026 02:00 AM IST
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अमन घणघस।
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पानीपत। मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण किसी भी खिलाड़ी को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। गांव पूठर के मुक्केबाज अमन घणघस ने प्रतिभा और निरंतर मेहनत के दम पर न केवल खेल जगत में पहचान बनाई, बल्कि अब उन्हें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में नौकरी भी मिल गई है। 4 जून को जॉइनिंग पत्र मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है।
अमन घणघस को बचपन से ही खेलों में रुचि थी। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने मुक्केबाजी को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार अभ्यास के बल पर अपनी अलग पहचान स्थापित की। शुरुआती दौर में संसाधनों की कमी और कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। नियमित प्रशिक्षण और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
अमन एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता बिजेंद्र खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि माता प्रवीण गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान में अमन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे प्रतिदिन तीन से चार घंटे मुक्केबाजी का अभ्यास भी करते हैं।
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अमन ने अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत पीएस अकादमी से की थी, जहां उन्हें कोच सुरेंद्र का मार्गदर्शन मिला। कोच ने उनकी प्रतिभा, लगन और मेहनत को पहचानते हुए उन्हें बेहतर प्रशिक्षण दिया। कोच सुरेंद्र ने बताया कि अमन ने हमेशा अनुशासन और समर्पण के साथ अभ्यास किया है। उनका अगला लक्ष्य राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतना है।
अमन का कहना है कि खेल केवल पदक हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने और बेहतर भविष्य बनाने का सशक्त साधन भी है। उन्होंने हमेशा अपने लक्ष्य पर फोकस रखा और कठिन परिस्थितियों में भी अभ्यास जारी रखा। परिवार और कोच का सहयोग उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।
उन्होंने कहा कि चार जून को बीएसएफ से जॉइनिंग पत्र मिलने की खबर परिवार के लिए बेहद खुशी का पल था। यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम है। अमन का मानना है कि खेलों में निरंतर प्रयास और समर्पण करने वाले खिलाड़ियों को सफलता अवश्य मिलती है।
अमन घणघस को बचपन से ही खेलों में रुचि थी। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने मुक्केबाजी को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार अभ्यास के बल पर अपनी अलग पहचान स्थापित की। शुरुआती दौर में संसाधनों की कमी और कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। नियमित प्रशिक्षण और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
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अमन एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता बिजेंद्र खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि माता प्रवीण गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान में अमन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे प्रतिदिन तीन से चार घंटे मुक्केबाजी का अभ्यास भी करते हैं।
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अमन का कहना है कि खेल केवल पदक हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने और बेहतर भविष्य बनाने का सशक्त साधन भी है। उन्होंने हमेशा अपने लक्ष्य पर फोकस रखा और कठिन परिस्थितियों में भी अभ्यास जारी रखा। परिवार और कोच का सहयोग उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।
उन्होंने कहा कि चार जून को बीएसएफ से जॉइनिंग पत्र मिलने की खबर परिवार के लिए बेहद खुशी का पल था। यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम है। अमन का मानना है कि खेलों में निरंतर प्रयास और समर्पण करने वाले खिलाड़ियों को सफलता अवश्य मिलती है।