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Panipat News: आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन ने किया प्रदर्शन, सौंपा मांग पत्र
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पानीपत। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन ने सीटू और सर्व कर्मचारी संघ के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और मांगों के समर्थन में जिला परियोजना अधिकारी को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा के नाम पर लिखित मांग पत्र दिया।
सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त ने कहा कि आंगनबाड़ी परियोजना को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। देश की लाखों महिलाएं इस परियोजना में कार्य कर रही है। जिनका आर्थिक शोषण हो रहा है। यूनियन लगातार मांग कर रही है कि परियोजना में लगी सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन के अनुसार केंद्र सरकार वर्कर्स को 41 हजार रुपये, हेल्पर को 35 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2018 में 1500 रुपये बढ़ाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक नहीं दिया गया। दूसरी तरफ देश के सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में आंगनबाड़ी वर्कर्स को ग्रेच्युटी लागू करने के आदेश दिए थे उन्हें भी जारी नहीं किया गया। यूनियन ने मांग की है कि रिटायरमेंट के समय न्यूनतम मासिक पेंशन 18 रुपये की जाए और जब तक पेंशन लागू न हो तब तक रिटायर न किया जाए, महंगाई को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बढ़ाया जाए, महानगर में बढ़कर 15 हजार रुपये किया जाए, शहरी इलाके में 10 हजार रुपये किया जाए।
बॉक्स
मुख्य मांगे-
आंगनबाड़ी शहरी और ग्रामीण केंद्रों का बकाए किराए का तुरंत भुगतान किया जाए। कई वर्ष पहले हड़ताल के समय का वेतन पूरे हरियाणा में लगभग सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्पर को मिल चुका है। पानीपत जिले में अभी केवल पांच आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर का बकाया है वह तुरंत भुगतान किया जाए वरना कार्यालय के सामने आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। पिछले दो वर्ष से सर्दी और गर्मी की वर्दी का बकाया पैसा तुरंत दिया जाए। इस अवसर पर आंगनबाड़ी यूनियन शहरी प्रधान प्रभारानी, सुरेश बाला, रेनू, दर्शन, सतवंती, किरण, कांता देवी उपस्थित रही।
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सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त ने कहा कि आंगनबाड़ी परियोजना को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। देश की लाखों महिलाएं इस परियोजना में कार्य कर रही है। जिनका आर्थिक शोषण हो रहा है। यूनियन लगातार मांग कर रही है कि परियोजना में लगी सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन के अनुसार केंद्र सरकार वर्कर्स को 41 हजार रुपये, हेल्पर को 35 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2018 में 1500 रुपये बढ़ाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक नहीं दिया गया। दूसरी तरफ देश के सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में आंगनबाड़ी वर्कर्स को ग्रेच्युटी लागू करने के आदेश दिए थे उन्हें भी जारी नहीं किया गया। यूनियन ने मांग की है कि रिटायरमेंट के समय न्यूनतम मासिक पेंशन 18 रुपये की जाए और जब तक पेंशन लागू न हो तब तक रिटायर न किया जाए, महंगाई को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बढ़ाया जाए, महानगर में बढ़कर 15 हजार रुपये किया जाए, शहरी इलाके में 10 हजार रुपये किया जाए।
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मुख्य मांगे-
आंगनबाड़ी शहरी और ग्रामीण केंद्रों का बकाए किराए का तुरंत भुगतान किया जाए। कई वर्ष पहले हड़ताल के समय का वेतन पूरे हरियाणा में लगभग सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्पर को मिल चुका है। पानीपत जिले में अभी केवल पांच आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर का बकाया है वह तुरंत भुगतान किया जाए वरना कार्यालय के सामने आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। पिछले दो वर्ष से सर्दी और गर्मी की वर्दी का बकाया पैसा तुरंत दिया जाए। इस अवसर पर आंगनबाड़ी यूनियन शहरी प्रधान प्रभारानी, सुरेश बाला, रेनू, दर्शन, सतवंती, किरण, कांता देवी उपस्थित रही।
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