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पश्चिमी एशिया में तनाव: पानीपत में कंबल उद्योग ठंडा, पहले का माल बंदरगाह पर फंसा; नया ऑर्डर भी नहीं मिल पा रहा

जगमहेंद्र सरोहा, पानीपत (हरियाणा) Published by: Naveen Updated Thu, 26 Mar 2026 08:18 PM IST
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सार

हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पानीपत से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका में सबसे बड़ी मंडी है। पानीपत से करीब 50 प्रतिशत व्यापार अकेले अमेरिका की मंडी में होता था।

Blanket Industry in Panipat Slumps; Existing Consignments Stranded at Ports, No New Orders Coming In
पानीपत का कंबल उद्योग ठंडा पड़ा - फोटो : संवाद
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विस्तार

पश्चिमी एशिया के देशों में तनाव के चलते टेक्सटाइल नगरी पानीपत का कंबल उद्योग ठंडा पड़ गया है। निर्यातकों का माल बंदरगाह पर फंस गया है। व्यापारियों ने इस स्थिति में नए ऑर्डर देना बंद कर दिया है। वहीं किराया भी दो से तीन गुना बढ़ा दिया है। ऐसे में किराये के लिए निर्यातकों व बायर्स के बीच तकरार बढ़ गई है।

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पानीपत से पश्चिमी एशिया के देशों में कंबल, मिंक कंबल और प्रेयर मैट (नमाज की चटाई) निर्यात की जाती है। हर साल 600 से 700 करोड़ रुपये का व्यापार है। इस्राइल में सबसे अधिक व्यापार है। इन देशों में पिछले एक महीने से व्यापारियों को नए ऑर्डर नहीं मिल पा रहे हैं और पुराने ऑर्डर के लिए भी आनाकानी की जा रही है।
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बायर्स इस स्थिति में माल नहीं ले पा रहे हैं। इस कारण कंबल और प्रेयर मैट का कारोबार प्रभावित हो गया है। इसके साथ ही पॉलिएस्टर धागे की कीमत आसमान छूने लगी हैं और केमिकल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। रंगाई उद्योग ने 10 दिन पहले ही 25 प्रतिशत रेट बढ़ा दिए हैं। ऐसे में प्रोडक्शन की लागत बढ़ गई है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को दूसरे देशों के साथ मुकाबला करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

कंबल निर्यातक नितिन जिंदल ने बताया कि पश्चिमी देशों में तनाव की वजह कंबल और मिंक कंबल के करीब 150 कंटेनर बंदरगाहों पर ही फंस गए हैं। इस बार 100 करोड़ पेमेंट भी अटक गई है। खरीदारों ने अपने ऑर्डर भी रद्द कर दिए हैं। ऐसे करीब 150 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। इसके अलावा माल ढुलाई (फ्रेट) का किराया पहले के मुकाबले तीन से चार गुना बढ़ा दिया है। पहले किराया करीब दो हजार डॉलर था।

अमेरिका से ऑर्डर घटकर आधे से भी कम रह गए
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पानीपत से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका में सबसे बड़ी मंडी है। पानीपत से करीब 50 प्रतिशत व्यापार अकेले अमेरिका की मंडी में होता था। अमेरिका के पिछले साल टैरिफ 50 प्रतिशत करने के बाद ऑर्डर घटकर आधे से भी कम रह गए। अमेरिका ने पिछले दिनों नए व्यापारिक समझौते में टैरिफ कम कर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। इस बीच पश्चिमी एशिया के देशों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। ईरान, इराक, इस्राइल, यमन, जॉर्डन, सीरिया और अन्य कई देशों का निर्यात प्रभावित हो गया है।

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