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Panipat News: गाड़ी में चाचा का शव रख पांच जिलों की पुलिस को चकमा दे 190 किमी दूर पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:48 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। समालखा में दोहरी हत्या के आरोपी साहिल चाचा राहुल मलिक की डेराबस्सी में हत्या कर उनका शव लेकर 190 किलोमीटर दूर पानीपत और फिर सोनीपत तक पहुंच गया। इस 190 किलोमीटर के सफर में वह जीटी सड़क स्थित दो राज्यों और पांच जिलों से गुजरा परंतु कहीं भी पुलिस उसे नहीं पकड़ सकी। जबकि कार में लगे जीपीएस के माध्यम से उसकी पल-पल की लोकेशन पुलिस को मिल रही थी।
आखिर में वह सोनीपत के जीटी सड़क स्थित भिगान टोल टैक्स पर पकड़ा गया। अंकुश के परिजन का कहना है कि यदि पुलिस उसे पानीपत पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लेती तो शायद उनके बेटे की जान बच जाती। साहिल ने बुधवार शाम को करीब पौने आठ बजे डेराबस्सी के पास लालडू थाना क्षेत्र के घोलूमाजरा में अपने चाचा राहुल मलिक के कार्यालय में घुसकर हत्या करने के बाद उन्हीं की जीपीएस लगी टाटा सफारी गाड़ी में डालकर वहां से भाग निकला। इस हमले में उनके कार्यालय पर बैठा एक अन्य व्यक्ति सतपाल भी गोली के छर्रे लगने से घायल हो गए थे। उन्होंने ही पुलिस को वारदात की सूचना दी थी। पंजाब के डेराबस्सी और लालडू थाने की पुलिस पीछे लग गई। जीपीएस को ट्रैक करते हुए पुलिस ने उसका पीछा किया तो पता चला कि वह अंबाला में दाखिल हो गया और जीटी सड़क से होकर भाग रहा है।
पुलिस ने जीटी बेल्ट के हरियाणा पुलिस को इसकी सूचना दी। पंजाब पुलिस ने हाईवे पुलिस को भी गाड़ी का नंबर देकर पकड़ने में सहायता की मांग की। साहिल ने पहले अंबाला पुलिस को गच्चा दिया और फिर कुरुक्षेत्र और करनाल और पानीपत पहुंचा। पानीपत पुलिस भी उसे पकड़ने में कामयाब नहीं हुई। पीछे से लालडू थाने की पुलिस उसका लगातार पीछा करती रही। पानीपत में दोस्त अंकुश की भी हत्या करने के बाद उसने दोनों शव गाड़ी में डालकर दिल्ली नहर बाईपास पर पहुंचा। यहां बुड़शाम गांव के क्षेत्र में सुनसान जगह पर दोनों शव फेंक भाग गया। यहां से समालखा होते हुए फिर जीटी सड़क से होकर सोनीपत के भिगान टोल तक पहुंच गया।
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सोनीपत पुलिस ने किया गिरफ्तार : जब सोनीपत पुलिस को सूचना लगी तो एंटी गैंगस्टर टीम ने साहिल को पकड़ने के लिए भिगान टोल प्लाजा के आसपास वाहन खड़े करवा दिए, जब साहिल टोल पर पहुंचा तो उसकी कार जाम में फंस गई। जाम में फंसने के बाद वह कार छोड़ कर पैदल भागने लगा। लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे काबू कर लिया।
पहले पकड़ा जाता तो शायद जिंदा बच जाता बेटा : सुरजीत
पानीपत। अंकुश के चाचा सुरजीत का कहना है कि साहिल ने पानीपत पहुंचते ही अपने बचपन के दोस्त अंकुश को फोन कर बुलाया और कहा कि वह सेक्टर-13-17 की ओर आ रहा है और मिलना चाहता है। अंकुश उससे मिलने के लिए चला गया। इसी बीच उसने उसे गाड़ी में बैठा लिया। यदि उसे पहले ही अंबाला, कुरुक्षेत्र या करनाल में गिरफ्तार कर लिया जाता तो शायद अंकुश की जान बच जाती। ब्यूरो
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आखिर में वह सोनीपत के जीटी सड़क स्थित भिगान टोल टैक्स पर पकड़ा गया। अंकुश के परिजन का कहना है कि यदि पुलिस उसे पानीपत पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लेती तो शायद उनके बेटे की जान बच जाती। साहिल ने बुधवार शाम को करीब पौने आठ बजे डेराबस्सी के पास लालडू थाना क्षेत्र के घोलूमाजरा में अपने चाचा राहुल मलिक के कार्यालय में घुसकर हत्या करने के बाद उन्हीं की जीपीएस लगी टाटा सफारी गाड़ी में डालकर वहां से भाग निकला। इस हमले में उनके कार्यालय पर बैठा एक अन्य व्यक्ति सतपाल भी गोली के छर्रे लगने से घायल हो गए थे। उन्होंने ही पुलिस को वारदात की सूचना दी थी। पंजाब के डेराबस्सी और लालडू थाने की पुलिस पीछे लग गई। जीपीएस को ट्रैक करते हुए पुलिस ने उसका पीछा किया तो पता चला कि वह अंबाला में दाखिल हो गया और जीटी सड़क से होकर भाग रहा है।
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पुलिस ने जीटी बेल्ट के हरियाणा पुलिस को इसकी सूचना दी। पंजाब पुलिस ने हाईवे पुलिस को भी गाड़ी का नंबर देकर पकड़ने में सहायता की मांग की। साहिल ने पहले अंबाला पुलिस को गच्चा दिया और फिर कुरुक्षेत्र और करनाल और पानीपत पहुंचा। पानीपत पुलिस भी उसे पकड़ने में कामयाब नहीं हुई। पीछे से लालडू थाने की पुलिस उसका लगातार पीछा करती रही। पानीपत में दोस्त अंकुश की भी हत्या करने के बाद उसने दोनों शव गाड़ी में डालकर दिल्ली नहर बाईपास पर पहुंचा। यहां बुड़शाम गांव के क्षेत्र में सुनसान जगह पर दोनों शव फेंक भाग गया। यहां से समालखा होते हुए फिर जीटी सड़क से होकर सोनीपत के भिगान टोल तक पहुंच गया।
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सोनीपत पुलिस ने किया गिरफ्तार : जब सोनीपत पुलिस को सूचना लगी तो एंटी गैंगस्टर टीम ने साहिल को पकड़ने के लिए भिगान टोल प्लाजा के आसपास वाहन खड़े करवा दिए, जब साहिल टोल पर पहुंचा तो उसकी कार जाम में फंस गई। जाम में फंसने के बाद वह कार छोड़ कर पैदल भागने लगा। लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे काबू कर लिया।
पहले पकड़ा जाता तो शायद जिंदा बच जाता बेटा : सुरजीत
पानीपत। अंकुश के चाचा सुरजीत का कहना है कि साहिल ने पानीपत पहुंचते ही अपने बचपन के दोस्त अंकुश को फोन कर बुलाया और कहा कि वह सेक्टर-13-17 की ओर आ रहा है और मिलना चाहता है। अंकुश उससे मिलने के लिए चला गया। इसी बीच उसने उसे गाड़ी में बैठा लिया। यदि उसे पहले ही अंबाला, कुरुक्षेत्र या करनाल में गिरफ्तार कर लिया जाता तो शायद अंकुश की जान बच जाती। ब्यूरो