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Panipat News: प्राइवेट बसों में रोडवेज पास मान्य के नाम पर हो रही खानापूर्ति
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नए बस स्टैंड पर खड़ी प्राइवेट बस। संवाद
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पानीपत। प्राइवेट बसों में रोडवेज पास मान्य के नाम पर यात्रियों के साथ खिलवाड़ की जा रही है। सरकार की ओर से पास मान्य करने के बाद भी यात्रियों के साथ खानापूर्ति की जा रही है। विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को यात्रा के दौरान बस पास के लिए प्राइवेट बस चालकों और परिचालकों द्वारा मना किया जा रहा है। सरकार के आदेश जारी करने के बाद भी प्राइवेट बस चालक और परिचालक रोडवेज अधिकारियों द्वारा नोटिस की मांग कर रहे हैं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसों में पास मान्य नहीं होने के कारण यात्रियों द्वारा रोडवेज अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं, साथ ही प्राइवेट बसों में बस पास के लिए यात्रियों और परिचालक के बीच कहासुनी देखने को मिली है।
यात्री प्रमोद, सुनील और राहुल ने बताया कि रोडवेज बसों के पास को सरकार द्वारा प्राइवेट बसों में मान्य किया गया है, इसके बाद भी प्राइवेट बस चालक और परिचालक अपनी मनमानी चला रहे हैं। उनके बस को माना नहीं जा रहा। उनको टिकट लेने का दबाव डाला जा रहा है। यात्रियों को मजबूरीवश टिकट लेना पड़ रहा है। उनको इस तरह दो बार जेब ढीली करनी पड़ रही है। रोडवेज अधिकारियों को हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पानीपत-जींद रूट पर बड़ी समस्या
पानीपत-जींद रूट पर सबसे अधिक प्राइवेट बस चलती हैं। इस रूट पर नारा, मतलौडा, भालसी, ऊंटला, खुखराना व सौदापुर गांव आते हैं। चालक मतलौडा व नारा गांव में ही बस रोकते हैं। बाकी गांवों में सामान्य यात्री होने पर भी रोका जाता है। विद्यार्थियों को देखकर बसों की गति तेज कर ली जाती है।
रोडवेज बसों के पास अब प्राइवेट बसों में मान्य कर दिए गए है। प्राइवेट बसों के चालक दल को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- विक्रम कांबोज महाप्रबंधक रोडवेज डिपो।
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यात्री प्रमोद, सुनील और राहुल ने बताया कि रोडवेज बसों के पास को सरकार द्वारा प्राइवेट बसों में मान्य किया गया है, इसके बाद भी प्राइवेट बस चालक और परिचालक अपनी मनमानी चला रहे हैं। उनके बस को माना नहीं जा रहा। उनको टिकट लेने का दबाव डाला जा रहा है। यात्रियों को मजबूरीवश टिकट लेना पड़ रहा है। उनको इस तरह दो बार जेब ढीली करनी पड़ रही है। रोडवेज अधिकारियों को हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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पानीपत-जींद रूट पर बड़ी समस्या
पानीपत-जींद रूट पर सबसे अधिक प्राइवेट बस चलती हैं। इस रूट पर नारा, मतलौडा, भालसी, ऊंटला, खुखराना व सौदापुर गांव आते हैं। चालक मतलौडा व नारा गांव में ही बस रोकते हैं। बाकी गांवों में सामान्य यात्री होने पर भी रोका जाता है। विद्यार्थियों को देखकर बसों की गति तेज कर ली जाती है।
रोडवेज बसों के पास अब प्राइवेट बसों में मान्य कर दिए गए है। प्राइवेट बसों के चालक दल को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- विक्रम कांबोज महाप्रबंधक रोडवेज डिपो।
