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Panipat News: जीवों के प्रति सहानुभूति की भावना रखने के लिए किया प्रेरित
Sun, 02 Aug 2026 03:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 02 Aug 2026 03:38 AM IST
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पानीपत। चातुर्मास के चौथे दिन शनिवार को जैन मुनियों ने लोगों को एकता और भाईचारे का संदेश दिया और दूसरे जीवों के प्रति सहानुभूति की भावना रखने के लिए प्रेरित किया। जिले में पांच स्थानों पर अग्रवाल मंडी और गांधी मंडी, राजाखेड़ी गांव, समालखा और मतलौडा में जैन मुनि प्रवचन दे रहे हैं। इनको सुनने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग पांचों स्थान पर पहुंच रहे हैं और उत्साहपूर्वक व ध्यान से प्रवचन सुन रहे हैं।
एसएस जैन सभा राजाखेड़ी में रमण मुनि महाराज ने कहा कि समाज और देश के विकास के लिए लोगों में एकता और भाईचारे का होना बहुत जरूरी है। सभी को मिलकर काम करना चाहिए और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। सभा के प्रधान राहुल जैन ने बताया कि सुबह प्रवचन शुरू होने से पहले ही सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु सभा में पहुंच रहे हैं।वहीं जैन स्थानक गांधी मंडी में चातुर्मास में डॉ. राजेंद्र मुनि और राजेश मुनि ने सत्य प्राप्ति के लिए अहंकार, क्रोध और मोह का त्याग करने पर बल दिया। राजेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि जीवन में सत्य प्राप्ति या प्रभु की प्राप्ति के लिए हमें अपने क्रोध, अहंकार और मोह जैसे विकारों को त्यागना पड़ता है। जो ऐसा करता है वही सत्य को प्राप्त कर सकता है।
प्रेम ही सच्ची भक्ति : मनोज मुनि
एसएम जैन सभा अग्रवाल मंडी में शनिवार को मनोज मुनि, विशाल मुनि, पवित्र मुनि, नरेंद्र मुनि, आनंद मुनि ने प्रवचन दिए। विशाल मुनि महाराज ने कहा कि प्रेम ही सामयिक है। प्रेम ही तप है और प्रेम ही सच्ची भक्ति है। जो आत्मा प्रेम से भर जाती है वह केवल कुछ मिनट में भी जीवन की दिशा और दशा को बदल सकती है। जिस श्रावक के पास मन की शांति और प्रेमभाव होता है वह संसार का सबसे अमीर व्यक्ति होता है। इसलिए मन में प्रेम भाव होना जरूरी है। संवाद
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एसएस जैन सभा राजाखेड़ी में रमण मुनि महाराज ने कहा कि समाज और देश के विकास के लिए लोगों में एकता और भाईचारे का होना बहुत जरूरी है। सभी को मिलकर काम करना चाहिए और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। सभा के प्रधान राहुल जैन ने बताया कि सुबह प्रवचन शुरू होने से पहले ही सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु सभा में पहुंच रहे हैं।वहीं जैन स्थानक गांधी मंडी में चातुर्मास में डॉ. राजेंद्र मुनि और राजेश मुनि ने सत्य प्राप्ति के लिए अहंकार, क्रोध और मोह का त्याग करने पर बल दिया। राजेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि जीवन में सत्य प्राप्ति या प्रभु की प्राप्ति के लिए हमें अपने क्रोध, अहंकार और मोह जैसे विकारों को त्यागना पड़ता है। जो ऐसा करता है वही सत्य को प्राप्त कर सकता है।
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प्रेम ही सच्ची भक्ति : मनोज मुनि
एसएम जैन सभा अग्रवाल मंडी में शनिवार को मनोज मुनि, विशाल मुनि, पवित्र मुनि, नरेंद्र मुनि, आनंद मुनि ने प्रवचन दिए। विशाल मुनि महाराज ने कहा कि प्रेम ही सामयिक है। प्रेम ही तप है और प्रेम ही सच्ची भक्ति है। जो आत्मा प्रेम से भर जाती है वह केवल कुछ मिनट में भी जीवन की दिशा और दशा को बदल सकती है। जिस श्रावक के पास मन की शांति और प्रेमभाव होता है वह संसार का सबसे अमीर व्यक्ति होता है। इसलिए मन में प्रेम भाव होना जरूरी है। संवाद
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