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Panipat News: इमरजेंसी की पर्ची बनवा ओपीडी में आ रहे मरीज
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सुंदर देवी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। लोग ओपीडी में लंबी-लंबी लाइनों से बचने के लिए अधिकारियों व स्टाफ से जान-पहचान का फायदा उठाकर इमरजेंसी पर पर्ची लगवाकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं और पहले इलाज व दवा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में कई-कई घंटे लाइन में लगे मरीजों को परेशानी हो रही है। वहीं अस्पताल में शनिवार को मरीजों की टीबी की दवा न मिलने से परेशानी हुई।
मानसून शुरू होने से अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। शनिवार को ओपीडी करीब 1700 रही। इसमें फिजिशियन और ईएनटी विशेषज्ञ के मरीज सबसे ज्यादा रहे। वहीं मरीजों का कहना है कि वे सुबह से दोपहर तक कई-कई घंटे लाइन में लगे रहते हैं लेकिन किसी अधिकारी या स्टाफ की जान-पहचान वाला मरीज उनसे पहले इलाज व दवा ले रहे हैं। इमरजेंसी की पर्ची लगवाकर लोग ओपीडी में पहुंच रहे हैं और सबसे पहले चिकित्सक से मिलकर इलाज करवा रहे हैं। अस्पताल में सभी के लिए नियम बराबर न होने से आमजन को ज्यादा परेशानी हो रही है। सिवाह निवासी सोमबीर ने बताया कि वह फिजिशियन के पास बुखार की दवा लेने के लिए आया। वह दोपहर 12:30 बजे लाइन में लगा था तभी पीछे से बबैल गांव का नरेंद्र अपनी मां के साथ आया। उन्होंने इमरजेंसी की पर्ची दिखाकर व खुद को सीएमओ का जानकार बताया। वह सबसे पहले इलाज के लिए चिकित्सक के कक्ष में चला गया। यदि सभी के लिए नियम बराबर हो तो आमजन को ऐसी स्थितियों से न गुजरना पड़े।
नहीं मिली टीबी की दवा, बार-बार काट रही चक्कर
बबैल निवासी सुंदर देवी ने बताया कि वह एक महीने से अस्पताल के चक्कर काट रही है। पहले उन्हें पेट में दर्द होने से बच्चादानी में रसौली होने की बात कही गई। उसका इलाज करवा रही हूं। अब चिकित्सक जांच के टीबी की शिकायत बता रहे हैं। एक टेस्ट में टीबी पॉजीटिव मिली लेकिन दूसरे टेस्ट में टीबी पॉजीटिव नहीं आई और शनिवार को जब फार्मेसी पर दवा लेने पहुंची तो दवा नहीं मिली।
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एक बजे ही बंद हो जाता है पंजीकरण काउंटर, नहीं लगाते चिकित्सक की पर्ची
किशनपुरा कॉलोनी निवासी चरणसिंह ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचे। पहले की पर्ची पर चिकित्सकों ने टेस्ट कराकर आने के लिए कहा। फिर टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद शनिवार की पर्ची लगवाकर आने के लिए कहा। तब तक दोपहर के एक बजे चुके थे। जब वे पर्ची लगवाने के लिए पंजीकरण काउंटर पर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि चिकित्सक की पर्ची बंद हो गई हैं अब सोमवार को आना। एक बजे ही पर्ची बंद होने से उन्हें अब सोमवार को दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा।
अस्पताल में सिर्फ बुजुर्गों और गंभीर स्थिति के मरीजों को प्राथमिकता मिलने के आदेश दिए गए हैं। बाकी सभी मरीजों के लिए लाइन की व्यवस्था है। यदि ओपीडी में जान-पहचान से लोग पहले नंबर लगवा रहे हैं तो जांच की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। लोग ओपीडी में लंबी-लंबी लाइनों से बचने के लिए अधिकारियों व स्टाफ से जान-पहचान का फायदा उठाकर इमरजेंसी पर पर्ची लगवाकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं और पहले इलाज व दवा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में कई-कई घंटे लाइन में लगे मरीजों को परेशानी हो रही है। वहीं अस्पताल में शनिवार को मरीजों की टीबी की दवा न मिलने से परेशानी हुई।
मानसून शुरू होने से अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। शनिवार को ओपीडी करीब 1700 रही। इसमें फिजिशियन और ईएनटी विशेषज्ञ के मरीज सबसे ज्यादा रहे। वहीं मरीजों का कहना है कि वे सुबह से दोपहर तक कई-कई घंटे लाइन में लगे रहते हैं लेकिन किसी अधिकारी या स्टाफ की जान-पहचान वाला मरीज उनसे पहले इलाज व दवा ले रहे हैं। इमरजेंसी की पर्ची लगवाकर लोग ओपीडी में पहुंच रहे हैं और सबसे पहले चिकित्सक से मिलकर इलाज करवा रहे हैं। अस्पताल में सभी के लिए नियम बराबर न होने से आमजन को ज्यादा परेशानी हो रही है। सिवाह निवासी सोमबीर ने बताया कि वह फिजिशियन के पास बुखार की दवा लेने के लिए आया। वह दोपहर 12:30 बजे लाइन में लगा था तभी पीछे से बबैल गांव का नरेंद्र अपनी मां के साथ आया। उन्होंने इमरजेंसी की पर्ची दिखाकर व खुद को सीएमओ का जानकार बताया। वह सबसे पहले इलाज के लिए चिकित्सक के कक्ष में चला गया। यदि सभी के लिए नियम बराबर हो तो आमजन को ऐसी स्थितियों से न गुजरना पड़े।
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नहीं मिली टीबी की दवा, बार-बार काट रही चक्कर
बबैल निवासी सुंदर देवी ने बताया कि वह एक महीने से अस्पताल के चक्कर काट रही है। पहले उन्हें पेट में दर्द होने से बच्चादानी में रसौली होने की बात कही गई। उसका इलाज करवा रही हूं। अब चिकित्सक जांच के टीबी की शिकायत बता रहे हैं। एक टेस्ट में टीबी पॉजीटिव मिली लेकिन दूसरे टेस्ट में टीबी पॉजीटिव नहीं आई और शनिवार को जब फार्मेसी पर दवा लेने पहुंची तो दवा नहीं मिली।
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एक बजे ही बंद हो जाता है पंजीकरण काउंटर, नहीं लगाते चिकित्सक की पर्ची
किशनपुरा कॉलोनी निवासी चरणसिंह ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचे। पहले की पर्ची पर चिकित्सकों ने टेस्ट कराकर आने के लिए कहा। फिर टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद शनिवार की पर्ची लगवाकर आने के लिए कहा। तब तक दोपहर के एक बजे चुके थे। जब वे पर्ची लगवाने के लिए पंजीकरण काउंटर पर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि चिकित्सक की पर्ची बंद हो गई हैं अब सोमवार को आना। एक बजे ही पर्ची बंद होने से उन्हें अब सोमवार को दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा।
अस्पताल में सिर्फ बुजुर्गों और गंभीर स्थिति के मरीजों को प्राथमिकता मिलने के आदेश दिए गए हैं। बाकी सभी मरीजों के लिए लाइन की व्यवस्था है। यदि ओपीडी में जान-पहचान से लोग पहले नंबर लगवा रहे हैं तो जांच की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।

सुंदर देवी। संवाद

सुंदर देवी। संवाद