पानीपत। छोटे-छोटे झगड़ों को आपसी सुलह समझौते से निपटाने के लिए न तो लोग सामने आ रहे है और न ही सरपंच ही गंभीरता से ले रहे हैं। सामुदायिक मध्यस्थता अभियान के तहत सिवाह गांव में शुरू किए गए केंद्र में छह माह में मात्र दो ही मामले पहुंचे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वर्षा शर्मा ने सरपंचों को निर्देश दिए है कि वह मध्यस्थता अभियान में अपनी भूमिका निभाएं। गांव-गांव में रैली निकालकर अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करें, जिससे छोटे-छोटे झगड़ों में लोगों को थाना और अदालत के चक्कर न काटने पड़े। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीजेएम वर्षा शर्मा ने मंगलवार काे अपने कार्यालय में सरपंचों के साथ बैठक की।
उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने हरियाणा सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य समाज में सौहार्द बनाने के लिए छोटे-छोटे विवादों का आपस में समाधान कराना है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिवाह गांव में मध्यस्थता केंद्र खोला गया है, जहां पर मध्यस्थ के सहयोग से विवादों का निपटारा कराया जा सके, लेकिन, लोगों में इस अभियान की जानकारी का अभाव है। जिस कारण लोग मध्यस्थता केंद्र में नहीं पहुंच रहे और कार्यक्रम का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा। उन्होंने सभी सरपंचों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के लिए गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे लोगों को मध्यस्थता केंद्र के बारे में जानकारी मिले और वह अपने विवादों को शीघ्र व सौहार्द पूर्ण तरीके से निस्तारित कराने के लिए केंद्र पर पहुंचे।
सीजेएम वर्षा शर्मा ने कहा कि इसके लिए शहर और गांव में रैली निकालकर जागरूक किया जाएगा, साथ ही स्कूल कॉलेज में भी कार्यक्रम कर छात्रों को जागरूक किया जाएगा। बैठक में बीडीपीओ शक्ति सिंह, शीतल, उप अधीक्षक सुरेश लाठर, सरपंच चिरंजीत, सरपंच मोनू व अन्य गांव के सरपंच मौजूद रहे।