{"_id":"696ff64935f63e423807ea04","slug":"pardhanas-harpreet-is-bringing-glory-to-the-district-by-winning-medals-in-karate-panipat-news-c-244-1-pnp1011-150901-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: परढ़ाना के हरप्रीत कराटे में पदक हासिल कर चमका रहे जिले का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: परढ़ाना के हरप्रीत कराटे में पदक हासिल कर चमका रहे जिले का नाम
विज्ञापन
हरप्रीत। स्वयं
विज्ञापन
पानीपत। जिले के परढ़ाना गांव के 14 वर्षीय खिलाड़ी हरप्रीत कम उम्र में कराटे के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरप्रीत ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि लगन और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
हरप्रीत ने कराटे प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर पर छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं, इसके साथ ही राज्य स्तर पर उन्होंने एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया है। खास बात यह रही कि अक्तूबर 2025 में कैथल में आयोजित हरियाणा स्कूली स्टेट कराटे प्रतियोगिता में भी हरप्रीत ने कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धियां हरप्रीत की मेहनत और समर्पण का स्पष्ट प्रमाण हैं।
हरप्रीत के पिता नरेंद्र खेतीबाड़ी करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपनों को कभी बाधा नहीं बनने दिया। मां कविता गृहिणी हैं। परिवार का सहयोग ही हरप्रीत की सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा है। हरप्रीत फिलहाल आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं और पढ़ाई के साथ-साथ कराटे अभ्यास को अच्छे से कर रहे हैं।
पिछले कई वर्षों से हरप्रीत इसराना स्थित यूनाइटेड मार्शल आर्ट्स एकेडमी में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। कोच अंकित जागलान के मार्गदर्शन में कराटे की बारीकियां सीख रहे हैं। कोच अंकित जागलान ने बताया कि हरप्रीत न सिर्फ मेहनती हैं, बल्कि उनमें सीखने की जबरदस्त ललक भी है। हरप्रीत ने बताया कि कराटे ने उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और धैर्य सिखाया है।
Trending Videos
हरप्रीत ने कराटे प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर पर छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं, इसके साथ ही राज्य स्तर पर उन्होंने एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया है। खास बात यह रही कि अक्तूबर 2025 में कैथल में आयोजित हरियाणा स्कूली स्टेट कराटे प्रतियोगिता में भी हरप्रीत ने कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धियां हरप्रीत की मेहनत और समर्पण का स्पष्ट प्रमाण हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरप्रीत के पिता नरेंद्र खेतीबाड़ी करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपनों को कभी बाधा नहीं बनने दिया। मां कविता गृहिणी हैं। परिवार का सहयोग ही हरप्रीत की सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा है। हरप्रीत फिलहाल आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं और पढ़ाई के साथ-साथ कराटे अभ्यास को अच्छे से कर रहे हैं।
पिछले कई वर्षों से हरप्रीत इसराना स्थित यूनाइटेड मार्शल आर्ट्स एकेडमी में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। कोच अंकित जागलान के मार्गदर्शन में कराटे की बारीकियां सीख रहे हैं। कोच अंकित जागलान ने बताया कि हरप्रीत न सिर्फ मेहनती हैं, बल्कि उनमें सीखने की जबरदस्त ललक भी है। हरप्रीत ने बताया कि कराटे ने उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और धैर्य सिखाया है।