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एसआईआर : 15 जून से होगा मतदाता सूची का विशेष सत्यापन, तैयारियां शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 17 May 2026 01:45 AM IST
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करनाल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का कार्य हरियाणा में 15 जून से शुरू होने जा रहा है। 22 सितंबर तक चलने वाले इस कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके तहत जिले के सभी करीब 15 लाख मतदाताओं के रिकार्ड की जांच होगी। इनकी पुरानी मतदाता सूची से मिलान किया जाएगा। इस कार्य के लिए बीएलओ घर-घर पर दस्तक देंगे। ताकि सूची का सही मिलान हो।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र हैं। आयोग का दायित्व है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो और कोई पात्र नागरिक वंचित न रहे। ऐसे में बिना जांच और सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना, मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक मतदाताओं का सही रिकॉर्ड तैयार करना है। ऐसे में सभी मतदाताओं की विस्तृत जांच की जाएगी। ब्यूरो
मतदाता यह कर सकेंगे
- किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच एवं सुनवाई का अवसर दिए प्रारूप सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट एवं बाद में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकेगा।
- राज्य के बाहर से स्थानांतरित होकर आने वाले नागरिकों को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र हैं। आयोग का दायित्व है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो और कोई पात्र नागरिक वंचित न रहे। ऐसे में बिना जांच और सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना, मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक मतदाताओं का सही रिकॉर्ड तैयार करना है। ऐसे में सभी मतदाताओं की विस्तृत जांच की जाएगी। ब्यूरो
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मतदाता यह कर सकेंगे
- किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच एवं सुनवाई का अवसर दिए प्रारूप सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट एवं बाद में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकेगा।
- राज्य के बाहर से स्थानांतरित होकर आने वाले नागरिकों को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा।