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Panipat News: गर्मी ने किया बेचैन, अघोषित कट से बढ़ी परेशानी, धान रोपाई पर संकट
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मॉडल टाउन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ट्रॉली ट्रांसफार्मर से दी जा रही बिजली आपूर्
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पानीपत। मौसम में बदलाव के बाद बढ़ी गर्मी ने लोगों का चैन छीन लिया है। वहीं लगातार लग रहे बिजली कट के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर चिलचिलाती धूप और रातभर उमस ने लोगों का चैन छीन लिया। इसके अलावा कई इलाकों में रात के समय तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही, जबकि कुछ स्थानों पर छह से 11 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
वहीं धान रोपाई के लिए लगातार चल रहे ट्यूबवेलों और दूसरी ओर घरेलू बिजली खपत बढ़ने से जिले की कुल बिजली मांग इस सीजन में पहली बार 1.65 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गई। बढ़ते लोड के कारण कई स्थानों पर भूमिगत केबल पंचर हो गईं, ट्रांसफार्मरों और फीडरों में तकनीकी खराबियां आईं और बिजली निगम के कंट्रोल रूम में एक ही दिन में 1700 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं।
शहर के कई मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बाधित रहने से कूलर, पंखे और पानी की मोटरें बंद रहीं। उमस भरी गर्मी में लोग रातभर जागने को मजबूर रहे। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और छोटे बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। ब्यूरो
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कृषि फीडरों पर बढ़ा सबसे अधिक दबाव किसानों की बढ़ी चिंता
धान रोपाई शुरू होने के बाद सबसे अधिक दबाव कृषि फीडरों पर बना हुआ है। सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगातार चलने से कृषि क्षेत्र में बिजली खपत बढ़कर 29.42 लाख यूनिट पहुंच गई। बढ़ते लोड के कारण कई कृषि फीडरों पर किसानों को निर्धारित आठ घंटे के बजाय केवल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल सकी। इससे समय पर सिंचाई और धान रोपाई का कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, शहरी क्षेत्र में 49.80 लाख यूनिट, ग्रामीण क्षेत्र में 27.40 लाख यूनिट और औद्योगिक क्षेत्र में 59.68 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। लगातार बढ़ रही मांग के कारण वितरण तंत्र पर दबाव बना हुआ है।
तिथि
कृषि
ग्रामीण
शहरी
औद्योगिक
23 जून
25.61
24.72
45.26
60.04
24 जून
27.67
24.85
44.87
59.46
25 जून
26.65
26.08
46.46
59.05
26 जून
29.42
27.40
48.80
59.88
27 जून
28.36
26.24
46.98
57.46
इस प्रकार बढ़ी बिजली खपत
तिथि
यूनिट लाख में
15 जून
119.69
19 जून
143.55
23 जून
155.63
25 जून
159.41
26 जून
165.50
27 जून
159.04
गर्मी और धान रोपाई के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ते लोड से तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। निगम की टीमें 24 घंटे फील्ड में तैनात हैं और फीडरों, ट्रांसफार्मरों व केबल नेटवर्क की लगातार निगरानी कर रही हैं। जहां भी खराबी आती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। -आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता
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वहीं धान रोपाई के लिए लगातार चल रहे ट्यूबवेलों और दूसरी ओर घरेलू बिजली खपत बढ़ने से जिले की कुल बिजली मांग इस सीजन में पहली बार 1.65 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गई। बढ़ते लोड के कारण कई स्थानों पर भूमिगत केबल पंचर हो गईं, ट्रांसफार्मरों और फीडरों में तकनीकी खराबियां आईं और बिजली निगम के कंट्रोल रूम में एक ही दिन में 1700 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं।
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शहर के कई मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बाधित रहने से कूलर, पंखे और पानी की मोटरें बंद रहीं। उमस भरी गर्मी में लोग रातभर जागने को मजबूर रहे। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और छोटे बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। ब्यूरो
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कृषि फीडरों पर बढ़ा सबसे अधिक दबाव किसानों की बढ़ी चिंता
धान रोपाई शुरू होने के बाद सबसे अधिक दबाव कृषि फीडरों पर बना हुआ है। सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगातार चलने से कृषि क्षेत्र में बिजली खपत बढ़कर 29.42 लाख यूनिट पहुंच गई। बढ़ते लोड के कारण कई कृषि फीडरों पर किसानों को निर्धारित आठ घंटे के बजाय केवल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल सकी। इससे समय पर सिंचाई और धान रोपाई का कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, शहरी क्षेत्र में 49.80 लाख यूनिट, ग्रामीण क्षेत्र में 27.40 लाख यूनिट और औद्योगिक क्षेत्र में 59.68 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। लगातार बढ़ रही मांग के कारण वितरण तंत्र पर दबाव बना हुआ है।
तिथि
कृषि
ग्रामीण
शहरी
औद्योगिक
23 जून
25.61
24.72
45.26
60.04
24 जून
27.67
24.85
44.87
59.46
25 जून
26.65
26.08
46.46
59.05
26 जून
29.42
27.40
48.80
59.88
27 जून
28.36
26.24
46.98
57.46
इस प्रकार बढ़ी बिजली खपत
तिथि
यूनिट लाख में
15 जून
119.69
19 जून
143.55
23 जून
155.63
25 जून
159.41
26 जून
165.50
27 जून
159.04
गर्मी और धान रोपाई के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ते लोड से तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। निगम की टीमें 24 घंटे फील्ड में तैनात हैं और फीडरों, ट्रांसफार्मरों व केबल नेटवर्क की लगातार निगरानी कर रही हैं। जहां भी खराबी आती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। -आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता