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Panipat News: बारिश के बाद तापमान में गिरावट, 4.6 एमएम हुई बरसात
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-इसराना में सबसे अधिक 15 एमएम बारिश दर्ज, हल्की बूंदाबांदी से उमस घटी
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सावन का आधा महीना बीत जाने के बाद भी अच्छी बारिश न होने से लोग और किसान झमाझम बारिश के लिए तरस रहे हैं। शुक्रवार को दिनभर की तेज धूप के बाद दोपहर के समय मौसम बदला और करीब दो बजे कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं मध्यम बारिश हुई। जिले में औसतन 4.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसराना में सबसे अधिक 15 एमएम बारिश हुई।
शुक्रवार को हल्की बारिश के चलते अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरकर 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान एक डिग्री घटकर 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बूंदाबांदी से लोगों को भीषण उमस और गर्मी से भले ही फौरी राहत मिल गई, लेकिन बारिश के इंतजार में बैठे किसानों के चेहरे अब भी मायूस हैं। डाहर गांव निवासी किसान रामचंद्र ने बताया कि धान की फसल को इस समय भारी मात्रा में पानी की दरकार है। तेज बारिश न होने से उन्हें बार-बार ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे लागत और मेहनत दोनों बढ़ रही है। यदि अच्छी बारिश होती है तो यह फसल के लिए संजीवनी और प्राकृतिक खाद का काम करेगी। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के जिला समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान जिले के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी और फसलों को भी फायदा पहुंचेगा।
यहां इतनी बारिश हुई
शुक्रवार को जिले में औसतन 4.6 एमएमम बारिश दर्ज की गई। इसराना में 15 एमएम बारिश हुई। सनौली में पांंच, पानीपत, समालखा व बापौली में एक-एक एमएम बारिश हुई।
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-इसराना में सबसे अधिक 15 एमएम बारिश दर्ज, हल्की बूंदाबांदी से उमस घटी
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सावन का आधा महीना बीत जाने के बाद भी अच्छी बारिश न होने से लोग और किसान झमाझम बारिश के लिए तरस रहे हैं। शुक्रवार को दिनभर की तेज धूप के बाद दोपहर के समय मौसम बदला और करीब दो बजे कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं मध्यम बारिश हुई। जिले में औसतन 4.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसराना में सबसे अधिक 15 एमएम बारिश हुई।
शुक्रवार को हल्की बारिश के चलते अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरकर 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान एक डिग्री घटकर 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बूंदाबांदी से लोगों को भीषण उमस और गर्मी से भले ही फौरी राहत मिल गई, लेकिन बारिश के इंतजार में बैठे किसानों के चेहरे अब भी मायूस हैं। डाहर गांव निवासी किसान रामचंद्र ने बताया कि धान की फसल को इस समय भारी मात्रा में पानी की दरकार है। तेज बारिश न होने से उन्हें बार-बार ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे लागत और मेहनत दोनों बढ़ रही है। यदि अच्छी बारिश होती है तो यह फसल के लिए संजीवनी और प्राकृतिक खाद का काम करेगी। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के जिला समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान जिले के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी और फसलों को भी फायदा पहुंचेगा।
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यहां इतनी बारिश हुई
शुक्रवार को जिले में औसतन 4.6 एमएमम बारिश दर्ज की गई। इसराना में 15 एमएम बारिश हुई। सनौली में पांंच, पानीपत, समालखा व बापौली में एक-एक एमएम बारिश हुई।
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