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Panipat News: रंगाई उद्योग ने 25 प्रतिशत रेट बढ़ाए, इससे निर्यात के साथ घरेलू उत्पाद भी होंगे महंगे
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पानीपत। रंगाई उद्यमियों ने रंगाई के रेट 25 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के बैनर तले रेट बढ़ाने का फैसला तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। रंगाई के रेट बढ़ने से निर्यात के साथ घरेलू उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं। इससे टेक्सटाइल इंडस्ट्री के भी प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन ने आपात बैठक मंगलवार को एक होटल में बुलाई। इसकी अध्यक्षता प्रधान नितिन अरोड़ा ने की। उद्यमियों ने बैठक में गैस, केमिकल, रंग व अन्य रसायनों की बढ़ती कीमतों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया में तनाव के चलते केमिकल व रंग महंगे हो गए हैं। उनके सामने पुराने रेट में काम कर पाना घाटे का साबित हो रहा है। उद्यमियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए डाइंग के रेट में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। ये रेट तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएंगे। इस मौके पर आनंद सिंघानिया, दर्पण चावला, सौरभ राणा, अजय मलिक, अंकुर, अंकित, मनीष, लक्की, प्रेम, दीपक व रोहित मौजूद रहे।
शहर में हैं करीब 450 डाई हाउस
शहर में करीब 400 से डाई हाउस और प्रोसेसिंग इकाई हैं। सेक्टर-29 में ज्यादातर डाई हाउस हैं। कुछ डाई हाउस पुराना औद्योगिक क्षेत्र में हैं। डाइंग उद्योग से कपड़ा व धागा रंगाई किया जाता है। यहां से आगे उद्योग में जाता है। इसी पर टेक्सटाइल और दूसरे उत्पाद बनते हैं। रंगाई उद्योग के रेट बढ़ाने से दूसरे उद्योगों पर भी व्यापक असर पड़ेगा। ऐसे में उनको भी उत्पादों के रेट बढ़ाए जा सकते हैं। उद्यमी अश्वनी शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों से कलर और केमिकल महंगे होने से रंगाई उद्यमियों ने रेट बढ़ाए हैं। इससे उनको रेट बढ़ाने पड़ेंगे। निर्यातक गुलशन मल्होत्रा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सामान की मांग लगातार कम हो रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रेट बढ़ाने से निर्यात किए जाने वाले उत्पादों के रेट भी बढ़ाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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पानीपत डायर्स एसोसिएशन ने आपात बैठक मंगलवार को एक होटल में बुलाई। इसकी अध्यक्षता प्रधान नितिन अरोड़ा ने की। उद्यमियों ने बैठक में गैस, केमिकल, रंग व अन्य रसायनों की बढ़ती कीमतों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया में तनाव के चलते केमिकल व रंग महंगे हो गए हैं। उनके सामने पुराने रेट में काम कर पाना घाटे का साबित हो रहा है। उद्यमियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए डाइंग के रेट में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। ये रेट तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएंगे। इस मौके पर आनंद सिंघानिया, दर्पण चावला, सौरभ राणा, अजय मलिक, अंकुर, अंकित, मनीष, लक्की, प्रेम, दीपक व रोहित मौजूद रहे।
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शहर में हैं करीब 450 डाई हाउस
शहर में करीब 400 से डाई हाउस और प्रोसेसिंग इकाई हैं। सेक्टर-29 में ज्यादातर डाई हाउस हैं। कुछ डाई हाउस पुराना औद्योगिक क्षेत्र में हैं। डाइंग उद्योग से कपड़ा व धागा रंगाई किया जाता है। यहां से आगे उद्योग में जाता है। इसी पर टेक्सटाइल और दूसरे उत्पाद बनते हैं। रंगाई उद्योग के रेट बढ़ाने से दूसरे उद्योगों पर भी व्यापक असर पड़ेगा। ऐसे में उनको भी उत्पादों के रेट बढ़ाए जा सकते हैं। उद्यमी अश्वनी शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों से कलर और केमिकल महंगे होने से रंगाई उद्यमियों ने रेट बढ़ाए हैं। इससे उनको रेट बढ़ाने पड़ेंगे। निर्यातक गुलशन मल्होत्रा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सामान की मांग लगातार कम हो रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रेट बढ़ाने से निर्यात किए जाने वाले उत्पादों के रेट भी बढ़ाने को मजबूर होना पड़ेगा।