संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। कलंदर दरगाह में रविवार को तीन दिवसीय साल उर्स कुरान खानी के साथ शुरू हुआ। पहले दिन दरगाह मखदूम जलालुद्दीन कबीर उल औलिया ने चादरपोशी की और अशरफ खादिम ने चढ़ाई। देशभर से जायरीन ने माथा टेका और अमन चैन की दुआ की। कव्वालों ने एक से बढ़कर एक कव्वाली प्रस्तुत की। सोमवार को भी चादरपोशी की जाएगी।
हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा हजरत शरफुद्दीन बू अली शाह कलंदर का 727 वां वार्षिक तीन दिवसीय उर्स का रविवार को शुभारंभ हुआ। खादिम अबू हब्जा ने सबका स्वागत किया।
नौशाद अली, शौकत अली, अहमदाबाद से हाजी सफी ने चादर पेश की। सुबह सात बजे कुरान खानी और दस बजे फातिहा हुआ। दोपहर 12 बजे लंगर शुरू हुआ। शाम साढ़े पांच बजे फातेहा हुआ और साढ़े आठ बजे लंगर की व्यवस्था रही। रात दस बजे कव्वाली प्रस्तुत की गई। देशभर से जायरीन ने माथा टेका और अमन चैन की दुआ की। दरगाह में पहुंचे लोगों ने मन्नत पूर्ति के लिए धागे बांधे और कुछ ने ताले भी लगाए। मान्यता है कि मनोकामना पूर्ण होने पर कुछ के दरगाह में ताले स्वयं ही खुल जाते हैं।