{"_id":"69641afcf714b24a0c01294b","slug":"winter-increases-the-risk-of-winter-diarrhea-in-infants-panipat-news-c-244-1-sknl1016-150416-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सर्दी से नौनिहालों में बढ़ा विंटर डायरिया का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सर्दी से नौनिहालों में बढ़ा विंटर डायरिया का खतरा
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। जनवरी माह में लगातार बढ़ रही सर्दी का असर सेहत पर भी नजर आने लगा है। नौनिहालों में विंटर डायरिया का खतरा बढ़ा है। 10 साल तक की उम्र के बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके साथ ही नजला, जुकाम, खांसी और बदन दर्द की समस्या लेकर भी लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
धूप नहीं खिलने से शीतलहर का असर काफी अधिक महसूस हो रहा है। हालांकि रविवार को हल्की धूप खिली लेकिन शीतलहर और तापमान गिरने के कारण धूप का केवल गुनगुना एहसास ही हुआ। ठंड कम उम्र के बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर रही है।
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। 40 से 50 बच्चे प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। किसी बच्चे में सांस लेने में दिक्कत और पसलियां चलने जैसी समस्या भी नजर आ रही है।
बच्चों को बेहतर उपचार देने के साथ ही चिकित्सक परिजनों को बच्चों को ठंड से बचाने के साथ साथ उनके खान-पान में भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने कहा सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहने, घरों में ठंडी हवा का प्रवेश होने से रोंके और बंद कमरों में अंगीठी न जलाएं। सर्दी-जुकाम, फ्लू जैसे लक्षण होने पर तुरंत ही चिकित्सक से सलाह लें।
Trending Videos
धूप नहीं खिलने से शीतलहर का असर काफी अधिक महसूस हो रहा है। हालांकि रविवार को हल्की धूप खिली लेकिन शीतलहर और तापमान गिरने के कारण धूप का केवल गुनगुना एहसास ही हुआ। ठंड कम उम्र के बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। 40 से 50 बच्चे प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। किसी बच्चे में सांस लेने में दिक्कत और पसलियां चलने जैसी समस्या भी नजर आ रही है।
बच्चों को बेहतर उपचार देने के साथ ही चिकित्सक परिजनों को बच्चों को ठंड से बचाने के साथ साथ उनके खान-पान में भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने कहा सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहने, घरों में ठंडी हवा का प्रवेश होने से रोंके और बंद कमरों में अंगीठी न जलाएं। सर्दी-जुकाम, फ्लू जैसे लक्षण होने पर तुरंत ही चिकित्सक से सलाह लें।