फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Angry over the deaths of two people in animal attacks, people staged a protest and demanded compensation.

Rewari News: पशुओं के हमले में दो लोगों की मौत से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन, मुआवजा देने की मांग की

Fri, 14 Aug 2026 12:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 14 Aug 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
Angry over the deaths of two people in animal attacks, people staged a protest and demanded compensation.
डीसी अभिषेक मीणा को ज्ञापन सौंपते लोग। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। गोवंश के हमले में एक सप्ताह में दो बुजुर्गों कैप्टन जगराम और प्रताप सिंह की मौत की घटना से आहत लोगों ने वीरवार को लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर पशुओं को तत्काल पकड़कर नंदीशालाओं में भेजने, जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
विज्ञापन

एक सप्ताह में गोवंशों के हमले में रिटायर्ड कैप्टन जगराम और प्रताप सिंह की मौत की घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी है। पशुओं को नहीं पकड़े जाने को लेकर लोग प्रदर्शन करने लगे हैं। विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी। इसमें जिस अधिकारी का दोष मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। शुक्रवार को 2 बजे बैठक बुलाई गई है जिसमे रेवाड़ी और धारूहेड़ा से पशुओं को पकड़ कर नंदीशाला भेजने की ठोस नीति तैयार की जाएगी।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई में तेजी लाने और बंदरों के उत्पात से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। अब तक की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पशुओं के चलते हो रही दुर्घटनाओं के विरोध में वीरवार को नागरिकों ने सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। जागरूक नागरिक मंच, सेवा स्तंभ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी अभिषेक मीणा को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आवारा पशुओं को तत्काल पकड़कर शहर से बाहर किया जाए, इनके कारण जान गंवाने वाले नागरिकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। इस दौरान नगर परिषद की कथित संवेदनहीनता की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि आवारा पशुओं से होने वाली घटनाओं की जवाबदेही नगर परिषद, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हादसा होने के बाद ही जागता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मृतकों की तस्वीरों के साथ सचिवालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2026 में आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए 34 लाख रुपये दिए हैं और 2 हजार पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने प्रशासन से इस राशि और लक्ष्य के उपयोग का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने की मांग की।
प्रदर्शन का संचालन कैलाश चंद ने किया। इस मौके पर मनोज यादव, रामौतार एकलव्य, सुरेश, भगत सिंह साबरिया, पार्षद परवीन चौधरी, सुधीर भार्गव, अशोक यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे। उपायुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

हर साल 1500 पशुओं को पकड़ने का रखा जाता है लक्ष्य
नगर परिषद की तरफ से हर साल 1500 पशुओं को पकड़ने का टारगेट रखा जाता है। यह टारगेट पूरा होता भी दिखाई देता है मगर जमीनी स्तर पर जहां भी नजर घुमा कर देखा जाए वहां पर बेसहारा पशु घूमते नजर आ जाएंगे। कोई भी मोहल्ला, सड़क, चौराहा ऐसा नहीं है जहां पर पशुओं का झुंड ना दिखाई दे। अप्रैल से जुलाई तक 861 गोवंशी पकड़े गए हैं। इस हिसाब से साढ़े 14 लाख रुपये गोवंशी को पकड़ने पर खर्च हो चुके हैं। गोवंशों की संख्या कम क्यों नहीं हो रही। ऐसे में गंभीर सवाल यह भी है कि सिर्फ कागजों में ही गोवंशी को पकड़ने का डेटा दर्ज तो नहीं हो। रहा। क्योंकि नप के खुद के सर्वे में पता चला था कि शहर में 4500 बेसहारा गोवंश हैं। औसतन हर साल की बात करें तो 1500 के आसपास पशु पकड़े जाते हैं। साल 2021 में भी 1300 पशु, 2022, 2023, 2024 में कुछ सुधार हुआ। 1800 से अधिक पशु पकड़े गए। दूसरी सबसे बड़ी चुनौती ये रहती है कि गौशालाएं फुल हो जाती हैं। ऐसे में समस्या काफी बढ़ जाती है। इस बार भी यही समस्या देखने को मिली। बड़ा सवाल ये है कि आखिर हर साल पशु पकड़े जाने के बाद फिर से कैसे बढ़ रहे हैं। नगर परिषद ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए।


पशु छोड़ने वाले 29 लोग चिह्नित हुए, नहीं हुई कार्रवाई
वर्ष 2025 में तमाम कोशिशों के बावजूद पशुओं की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई थी तो इस समस्या की जड़ तक जाने की कोशिश की गई। नगर परिषद के अधिकारियों को पता चला कि शहर में 29 पालक जानबूझकर पशुओं को छोड़ देते हैं। जांच में ऐसे 29 पशुपालक चिह्नित किए गए, जिनके कारण सड़कों पर पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसा पहली बार हुआ था जब नगर परिषद ने पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

डीसी अभिषेक मीणा को ज्ञापन सौंपते लोग। स्रोत : संगठन

डीसी अभिषेक मीणा को ज्ञापन सौंपते लोग। स्रोत : संगठन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed