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Rewari News: निलंबन पर हाईकोर्ट की रोक के बाद धारूहेड़ा बीडीपीओ सुरजीत सिंह का तबादला
Fri, 14 Aug 2026 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:26 AM IST
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धारूहेड़ा। धारूहेड़ा के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुरजीत सिंह को लेकर हरियाणा सरकार ने बड़ा आदेश जारी किया है। 12 अगस्त को विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत सुरजीत सिंह का धारूहेड़ा से तबादला कर उन्हें विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा मुख्यालय चंडीगढ़ में निदेशक कार्यालय में तैनात किया गया है।
सुरजीत सिंह को 22 जुलाई 2026 को निलंबित किया गया था। निलंबन को लेकर उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट में सुरजीत सिंह की ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें बिना विभागीय जांच के निलंबित किया गया और यह कार्रवाई हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2026 के प्रावधानों के विपरीत है। अदालत द्वारा निलंबन पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद अब सरकार ने उनका तबादला चंडीगढ़ कर दिया है।
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वहीं, उनके निलंबन को लेकर उस समय राजनीतिक चर्चा भी हुई थी। मीडिया रिपोर्टों में इसे रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद के विकास कार्यों के उद्घाटन शिलापट्टों पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का नाम नहीं होने से जुड़े विवाद से जोड़कर देखा गया था।
हालांकि, सरकार के निलंबन आदेश में कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया था और सरकार ने आधिकारिक तौर पर शिलापट्ट विवाद को कार्रवाई का आधार नहीं बताया था।
अशोक कुमार को सौंपा गया अतिरिक्त कार्यभार
सुरजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से चंडीगढ़ स्थित विकास एवं पंचायत विभाग में निदेशक कार्यालय में तैनात किए जाने के बाद धारूहेड़ा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी का पद रिक्त हो गया है। अब महेंद्रगढ़ के निजामपुर के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अशोक कुमार को धारूहेड़ा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। अशोक कुमार धारूहेड़ा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी का कार्यभार बिना किसी अतिरिक्त पारिश्रमिक के संभालेंगे। सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह है कि पहले निलंबन फिर हाईकोर्ट से निलंबन पर अंतरिम रोक और उसके तुरंत बाद धारूहेड़ा से तबादला होने के कारण विभागीय स्तर पर यह मामला चर्चा में बना हुआ है।
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सुरजीत सिंह को 22 जुलाई 2026 को निलंबित किया गया था। निलंबन को लेकर उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर निर्धारित की गई है।
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हाईकोर्ट में सुरजीत सिंह की ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें बिना विभागीय जांच के निलंबित किया गया और यह कार्रवाई हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2026 के प्रावधानों के विपरीत है। अदालत द्वारा निलंबन पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद अब सरकार ने उनका तबादला चंडीगढ़ कर दिया है।
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वहीं, उनके निलंबन को लेकर उस समय राजनीतिक चर्चा भी हुई थी। मीडिया रिपोर्टों में इसे रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद के विकास कार्यों के उद्घाटन शिलापट्टों पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का नाम नहीं होने से जुड़े विवाद से जोड़कर देखा गया था।
हालांकि, सरकार के निलंबन आदेश में कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया था और सरकार ने आधिकारिक तौर पर शिलापट्ट विवाद को कार्रवाई का आधार नहीं बताया था।
अशोक कुमार को सौंपा गया अतिरिक्त कार्यभार
सुरजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से चंडीगढ़ स्थित विकास एवं पंचायत विभाग में निदेशक कार्यालय में तैनात किए जाने के बाद धारूहेड़ा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी का पद रिक्त हो गया है। अब महेंद्रगढ़ के निजामपुर के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अशोक कुमार को धारूहेड़ा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। अशोक कुमार धारूहेड़ा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी का कार्यभार बिना किसी अतिरिक्त पारिश्रमिक के संभालेंगे। सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह है कि पहले निलंबन फिर हाईकोर्ट से निलंबन पर अंतरिम रोक और उसके तुरंत बाद धारूहेड़ा से तबादला होने के कारण विभागीय स्तर पर यह मामला चर्चा में बना हुआ है।