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Rewari News: मौलवी शाकिर को भोपाल ले गई एटीएस, फराज व नईम नेटवर्क में था शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:25 AM IST
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शाकिर
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भिवाड़ी। मध्य प्रदेश एटीएस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त टीम ने भिवाड़ी के टपूकड़ा थाना क्षेत्र के नाखनौल गांव निवासी मौलवी शाकिर (32) को नूंह जिले से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए भोपाल ले गई है। फराज व नईम के नेटवर्क की जांच में सामने आए नामों में शाकिर शामिल है।
12 जून को नूंह के रेवासन गांव से शाकिर को हिरासत में लिया गया था। 13 जून को भोपाल एटीएस, हरियाणा पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीम नाखनौल गांव स्थित उसके घर पहुंची थी। टीम ने घर की वीडियोग्राफी की, साक्ष्य जुटाए और परिजनों से पूछताछ की।
शाकिर महज पांचवीं पास है। करीब 6-7 वर्ष पहले वह उत्तर प्रदेश के देवबंद में धार्मिक शिक्षा लेने गया था। वहां उसका मुख्य आरोपी नईम अब्दुल्ला (सहारनपुर) से संपर्क हुआ। शाकिर पेशे से किसान है और तीन बच्चों का पिता है। उसके पिता का करीब 10 साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में तीन भाई हैं और सभी खेती और ड्राइविंग का काम करते हैं।
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करीब 20 दिन पहले शाकिर नूंह के रेवासन गांव की एक मस्जिद में मौलवी के रूप में रहने लगा था। भोपाल एटीएस के इनपुट पर नूंह पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।
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भोपाल से गिरफ्तार हुआ था मोहम्मद फराज
मध्यप्रदेश एटीएस ने हाल ही में भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया था। एजेंसियों का दावा है कि फराज पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ रहा था। पूछताछ में फराज के नेटवर्क में नईम अब्दुल्ला का नाम सामने आया, जिसे बाद में देवबंद से गिरफ्तार किया गया। दोनों के मोबाइल से संदिग्ध दस्तावेज, चैट रिकॉर्ड, पीडीएफ फाइलें और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद हुई है। सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच चल रही है। जांच एजेंसियां अब अपनी जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क, टेलीग्राम-व्हाट्सएप के जरिए नेटवर्किंग, देवबंद कनेक्शन और स्थानीय संपर्क सहित विदेशी फंडिंग, अन्य राज्यों में सक्रिय नेटवर्क की संभावना की जांच कर रही हैं।
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भिवाड़ी का पिछला रिकॉर्ड
यह पहली बार नहीं है जब भिवाड़ी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आया हो। 23 अगस्त 2024 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चौपानकी थाना क्षेत्र के सारेकला जंगलों में हथियार प्रशिक्षण शिविर का खुलासा करते हुए अलकायदा मॉड्यूल से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दो वर्ष बाद फिर एटीएस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को ताजा कर दिया है।
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टपूकड़ा में आरोपी के घर की ली गई तलाशी
भिवाड़ी एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों ने पुलिस जाब्ता मांगा था, जिसे उपलब्ध कराया गया और टपूकड़ा में आरोपी के घर की तलाशी ली गई है। एटीएस शाकिर की भूमिका, नेटवर्क और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। मामले में यूएपीए समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
12 जून को नूंह के रेवासन गांव से शाकिर को हिरासत में लिया गया था। 13 जून को भोपाल एटीएस, हरियाणा पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीम नाखनौल गांव स्थित उसके घर पहुंची थी। टीम ने घर की वीडियोग्राफी की, साक्ष्य जुटाए और परिजनों से पूछताछ की।
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शाकिर महज पांचवीं पास है। करीब 6-7 वर्ष पहले वह उत्तर प्रदेश के देवबंद में धार्मिक शिक्षा लेने गया था। वहां उसका मुख्य आरोपी नईम अब्दुल्ला (सहारनपुर) से संपर्क हुआ। शाकिर पेशे से किसान है और तीन बच्चों का पिता है। उसके पिता का करीब 10 साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में तीन भाई हैं और सभी खेती और ड्राइविंग का काम करते हैं।
करीब 20 दिन पहले शाकिर नूंह के रेवासन गांव की एक मस्जिद में मौलवी के रूप में रहने लगा था। भोपाल एटीएस के इनपुट पर नूंह पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।
भोपाल से गिरफ्तार हुआ था मोहम्मद फराज
मध्यप्रदेश एटीएस ने हाल ही में भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया था। एजेंसियों का दावा है कि फराज पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ रहा था। पूछताछ में फराज के नेटवर्क में नईम अब्दुल्ला का नाम सामने आया, जिसे बाद में देवबंद से गिरफ्तार किया गया। दोनों के मोबाइल से संदिग्ध दस्तावेज, चैट रिकॉर्ड, पीडीएफ फाइलें और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद हुई है। सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच चल रही है। जांच एजेंसियां अब अपनी जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क, टेलीग्राम-व्हाट्सएप के जरिए नेटवर्किंग, देवबंद कनेक्शन और स्थानीय संपर्क सहित विदेशी फंडिंग, अन्य राज्यों में सक्रिय नेटवर्क की संभावना की जांच कर रही हैं।
भिवाड़ी का पिछला रिकॉर्ड
यह पहली बार नहीं है जब भिवाड़ी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आया हो। 23 अगस्त 2024 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चौपानकी थाना क्षेत्र के सारेकला जंगलों में हथियार प्रशिक्षण शिविर का खुलासा करते हुए अलकायदा मॉड्यूल से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दो वर्ष बाद फिर एटीएस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को ताजा कर दिया है।
टपूकड़ा में आरोपी के घर की ली गई तलाशी
भिवाड़ी एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों ने पुलिस जाब्ता मांगा था, जिसे उपलब्ध कराया गया और टपूकड़ा में आरोपी के घर की तलाशी ली गई है। एटीएस शाकिर की भूमिका, नेटवर्क और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। मामले में यूएपीए समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।