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Rewari News: प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर बता डकैती व सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी की जमानत खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:41 AM IST
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जिला न्यायालय रेवाड़ी। संवाद
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रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल ने डकैती और सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में जिला महेंद्रगढ़ के गांव गागड़वास निवासी आरोपी संजू की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है।
थाना सदर में 4 अप्रैल 2025 को एफआईआर दर्ज हुई थी कि 3 और 4 अप्रैल की रात को 7-8 लोग एक मकान में घुस आए और हथियारों के बल पर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद लोगों को डराया-धमकाया और नकदी व कीमती जेवरात लूट लिए। यहां घर की एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है।
इसके साथ ही सामूहिक दुष्कर्म की वीडियो वायरल करने की भी धमकी भी दी है। शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान आरोपी संजू को 27 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर लूटे जेवरात और वारदात में इस्तेमाल किए वाहन भी बरामद कर लिए।
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी का नाम प्रारंभिक एफआईआर में शामिल नहीं था और उसे बाद में जांच के दौरान जोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है और अभी तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है, जिससे उसे अनावश्यक रूप से जेल में रखा जा रहा है।
इस आधार पर जमानत देने की मांग की गई। लेकिन सरकारी पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप हैं। यदि उसे जमानत दी जाती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है और न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर सकता है।
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थाना सदर में 4 अप्रैल 2025 को एफआईआर दर्ज हुई थी कि 3 और 4 अप्रैल की रात को 7-8 लोग एक मकान में घुस आए और हथियारों के बल पर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद लोगों को डराया-धमकाया और नकदी व कीमती जेवरात लूट लिए। यहां घर की एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है।
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इसके साथ ही सामूहिक दुष्कर्म की वीडियो वायरल करने की भी धमकी भी दी है। शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान आरोपी संजू को 27 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर लूटे जेवरात और वारदात में इस्तेमाल किए वाहन भी बरामद कर लिए।
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी का नाम प्रारंभिक एफआईआर में शामिल नहीं था और उसे बाद में जांच के दौरान जोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है और अभी तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है, जिससे उसे अनावश्यक रूप से जेल में रखा जा रहा है।
इस आधार पर जमानत देने की मांग की गई। लेकिन सरकारी पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप हैं। यदि उसे जमानत दी जाती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है और न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर सकता है।