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Rewari News: मजबूत रिश्ते के लिए संवाद और आपसी समझ जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 14 May 2026 11:18 PM IST
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कमला देवी, आदर्श नगर
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रेवाड़ी। वर्तमान परिवेश में जीवनशैली में आए परिवर्तन ने परिवार में भावनात्मक दूरी पैदा की है। सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल के चलते परिवार में रहते हुए भी सभी सदस्य अपने-अपने मोबाइल में व्यस्त नजर आते हैं। इससे परिवार के सदस्यों के बीच संवाद और आपसी समझ की कमी आ रही है। इसके चलते न सिर्फ लोगों में तनाव बढ़ रहा है बल्कि खासतौर से युवा मार्गदर्शन के अभाव में भटक रहे हैं।
ऐसी स्थिति में मजबूत रिश्ते के लिए संवाद और आपसी समझ जरूरी है। संयुक्त परिवार और परिवार में प्रेम भाव और संवाद को बढ़ाना देने के लिए 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर लोगों को जागरूक किया जाता है।
आधुनिक जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण परिवारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। नौकरी, पढ़ाई और व्यक्तिगत व्यस्तताओं के चलते परिवार के सदस्य एक-दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे।
संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवार बढ़ने से रिश्तों में दूरी महसूस की जा रही है। तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी का असर पारिवारिक संबंधों पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में पारिवारिक मूल्यों और आपसी सहयोग को बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है।
परिवार को मजबूत बनाए रखने में संवाद और आपसी समझ की अहम भूमिका होती है। परिवार के सदस्य जब खुलकर अपनी बात साझा करते हैं तो रिश्तों में विश्वास और अपनापन बढ़ता है। छोटी-छोटी गलतफहमियां बातचीत से आसानी से दूर की जा सकती हैं।
बच्चों और बुजुर्गों की भावनाओं को समझना भी जरूरी है। बदलते समय में रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए धैर्य, सम्मान और सहयोग की भावना परिवारों में पहले से अधिक महत्वपूर्ण बन गई है।
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सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग से लोगों की दिनचर्या बदल गई है। परिवार में साथ रहते हुए भी सभी सदस्य मोबाइल में व्यस्त रहते हैं जिससे वे आपस कम बातचीत कर पाते हैं। इससे भावनात्मक दूरी बढ़ रही है। परिवार के साथ समय बिताना मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद जरूरी है। साथ बैठकर भोजन करना, बातचीत करना और समय साझा करना रिश्तों को मजबूत बनाने में मदद करता है।-कमला देवी, आदर्श नगर।
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परिवार के सदस्य कुछ समय बिना मोबाइल और टीवी के एक-दूसरे के साथ बिताएं। साथ बैठकर भोजन करें और अपनी बात साझा करें। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस हमें यह संदेश देता है कि मजबूत परिवार ही मजबूत समाज और बेहतर भविष्य की नींव होते हैं। इसलिए परिवारों में प्रेम, सहयोग और संवाद बनाए रखना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।-सुधा यादव, शिक्षक।
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रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए संवाद और आपसी समझ बेहद जरूरी है। परिवार के सदस्यों के बीच खुलकर बातचीत होने से गलतफहमियां कम होती हैं और विश्वास बढ़ता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को परिवार में सम्मान और अपनापन मिलना चाहिए। यही स्वस्थ और खुशहाल परिवार की पहचान होती है।-मनोज वशिष्ठ, सावित्री सदन विकास नगर।
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ऐसी स्थिति में मजबूत रिश्ते के लिए संवाद और आपसी समझ जरूरी है। संयुक्त परिवार और परिवार में प्रेम भाव और संवाद को बढ़ाना देने के लिए 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर लोगों को जागरूक किया जाता है।
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आधुनिक जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण परिवारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। नौकरी, पढ़ाई और व्यक्तिगत व्यस्तताओं के चलते परिवार के सदस्य एक-दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे।
संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवार बढ़ने से रिश्तों में दूरी महसूस की जा रही है। तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी का असर पारिवारिक संबंधों पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में पारिवारिक मूल्यों और आपसी सहयोग को बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है।
परिवार को मजबूत बनाए रखने में संवाद और आपसी समझ की अहम भूमिका होती है। परिवार के सदस्य जब खुलकर अपनी बात साझा करते हैं तो रिश्तों में विश्वास और अपनापन बढ़ता है। छोटी-छोटी गलतफहमियां बातचीत से आसानी से दूर की जा सकती हैं।
बच्चों और बुजुर्गों की भावनाओं को समझना भी जरूरी है। बदलते समय में रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए धैर्य, सम्मान और सहयोग की भावना परिवारों में पहले से अधिक महत्वपूर्ण बन गई है।
सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग से लोगों की दिनचर्या बदल गई है। परिवार में साथ रहते हुए भी सभी सदस्य मोबाइल में व्यस्त रहते हैं जिससे वे आपस कम बातचीत कर पाते हैं। इससे भावनात्मक दूरी बढ़ रही है। परिवार के साथ समय बिताना मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद जरूरी है। साथ बैठकर भोजन करना, बातचीत करना और समय साझा करना रिश्तों को मजबूत बनाने में मदद करता है।-कमला देवी, आदर्श नगर।
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परिवार के सदस्य कुछ समय बिना मोबाइल और टीवी के एक-दूसरे के साथ बिताएं। साथ बैठकर भोजन करें और अपनी बात साझा करें। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस हमें यह संदेश देता है कि मजबूत परिवार ही मजबूत समाज और बेहतर भविष्य की नींव होते हैं। इसलिए परिवारों में प्रेम, सहयोग और संवाद बनाए रखना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।-सुधा यादव, शिक्षक।
रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए संवाद और आपसी समझ बेहद जरूरी है। परिवार के सदस्यों के बीच खुलकर बातचीत होने से गलतफहमियां कम होती हैं और विश्वास बढ़ता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को परिवार में सम्मान और अपनापन मिलना चाहिए। यही स्वस्थ और खुशहाल परिवार की पहचान होती है।-मनोज वशिष्ठ, सावित्री सदन विकास नगर।

कमला देवी, आदर्श नगर

कमला देवी, आदर्श नगर