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Rewari News: शपथ से पहले वार्ड-16 की पार्षद की जीत पर कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 10 Jun 2026 04:23 AM IST
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धारूहेड़ा। नगर पालिका चुनाव में वार्ड-16 की पार्षद की जीत शपथ ग्रहण से पहले ही विवादों में घिर गई। चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अमित वर्मा की अदालत में सुनवाई पूरी हो गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में बुधवार को फैसला सुनाया जा सकता है। 10 मई को हुए नगर पालिका चुनाव में वार्ड-16 से विजयी प्रत्याशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को मात्र तीन वोटों से हराया था।
हारने वाली प्रत्याशी ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अदालत में चुनाव परिणाम को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान के दिन अस्पताल में भर्ती कुछ व्यक्तियों के वोट डलवाए गए जबकि इस संबंध में चुनाव एजेंट द्वारा आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी।
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आरोप है कि पीठासीन अधिकारी ने इस आपत्ति पर उचित कार्रवाई नहीं की। याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में रिटर्निंग अधिकारी तथा नगर पालिका को भी पक्षकार बनाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के साथ सरकारी पक्ष भी अदालत में उपस्थित रहा।
बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। चुनाव के करीब एक माह बाद भी यह मामला धारूहेड़ा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।
मनीषा सैनी को मिले थे 650 वोट :
धारूहेड़ा नगर पालिका के वार्ड-16 में हुए चुनाव में नव निर्वाचित पार्षद मनीषा सैनी ने बेहद कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की थी। 1693 मतदाताओं में से 1300 ने मतदान किया। मनीषा सैनी को 650 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी दीपा रस्तोगी को 647 वोट प्राप्त हुए। मनीषा मात्र 3 वोटों से विजयी रहीं। वहीं नोटा के पक्ष में 3 वोट डाले गए। मतदान 10 मई और मतगणना 13 मई को हुई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में बुधवार को फैसला सुनाया जा सकता है। 10 मई को हुए नगर पालिका चुनाव में वार्ड-16 से विजयी प्रत्याशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को मात्र तीन वोटों से हराया था।
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हारने वाली प्रत्याशी ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अदालत में चुनाव परिणाम को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान के दिन अस्पताल में भर्ती कुछ व्यक्तियों के वोट डलवाए गए जबकि इस संबंध में चुनाव एजेंट द्वारा आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी।
आरोप है कि पीठासीन अधिकारी ने इस आपत्ति पर उचित कार्रवाई नहीं की। याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में रिटर्निंग अधिकारी तथा नगर पालिका को भी पक्षकार बनाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के साथ सरकारी पक्ष भी अदालत में उपस्थित रहा।
बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। चुनाव के करीब एक माह बाद भी यह मामला धारूहेड़ा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।
मनीषा सैनी को मिले थे 650 वोट :
धारूहेड़ा नगर पालिका के वार्ड-16 में हुए चुनाव में नव निर्वाचित पार्षद मनीषा सैनी ने बेहद कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की थी। 1693 मतदाताओं में से 1300 ने मतदान किया। मनीषा सैनी को 650 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी दीपा रस्तोगी को 647 वोट प्राप्त हुए। मनीषा मात्र 3 वोटों से विजयी रहीं। वहीं नोटा के पक्ष में 3 वोट डाले गए। मतदान 10 मई और मतगणना 13 मई को हुई थी।