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योग भारतीय संस्कृति की अत्यंत प्राचीन एवं वैज्ञानिक विधा : प्रो. दिलबाग सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 10 Jun 2026 05:21 AM IST
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योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण में भाग लेते प्रतिभागी। स्रोत : विवि
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण एवं सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अत्यंत प्राचीन एवं वैज्ञानिक विधा है जो वर्तमान समय की भाग-दौड़ एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़कर संतुलित एवं स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर करता है।
उन्होंने हरियाणा योग आयोग एवं उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए आयोजन समिति को शुभकामनाएं दीं। विशिष्ट अतिथि प्रो. करण सिंह ने कहा कि योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है जिसने संपूर्ण विश्व को स्वास्थ्य एवं शांति का संदेश दिया है।
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कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अत्यंत प्राचीन एवं वैज्ञानिक विधा है जो वर्तमान समय की भाग-दौड़ एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़कर संतुलित एवं स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर करता है।
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उन्होंने हरियाणा योग आयोग एवं उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए आयोजन समिति को शुभकामनाएं दीं। विशिष्ट अतिथि प्रो. करण सिंह ने कहा कि योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है जिसने संपूर्ण विश्व को स्वास्थ्य एवं शांति का संदेश दिया है।