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Rewari News: किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई, कहा- गिरदावरी करवाई जाए
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खराब फसल की जानकारी देते किसान। संवाद
- फोटो : मुठभेड़ में गोली लगने से घायल आरोपी फरमान जिला अस्पताल में स्ट्रेचर पर लेटा हुआ और साथ में खड़ी पुलिस। संवाद
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कुंड। खंड खोल क्षेत्र में हाल ही में हुई तेज बारिश और आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं, सरसों और गेंदा जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ नजर आ रही है। कई किसानों की फसल पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।
किसान डॉ. एचडी यादव ने बताया कि गेहूं की फसल इस समय पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार थी। ऐसे में अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई। इससे न केवल उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है बल्कि कटाई में भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
नीरज यादव ने बताया कि गेंदा की फसल, जो किसानों के लिए नकदी फसल के रूप में महत्वपूर्ण होती है, वह भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर खराब हो गई है। इसके अलावा सरसों की फसल को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
किसान वेदप्रकाश ने बताया कि जिन किसानों ने सरसों की कटाई कर ली थी, उनकी फसल खुले में रखी होने के कारण पूरी तरह भीग गई, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई और बाजार में उचित मूल्य मिलने की संभावना भी कम हो गई है। किसानों का कहना है कि इस नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।
किसान हैपी यादव ने बताया कि कई महीनों की मेहनत और निवेश के बाद तैयार फसल का इस तरह नष्ट होना बेहद पीड़ादायक है। किसान योगेंद्र सैन ने कहा कि खेती पहले ही लागत और जोखिम का काम है, ऐसे में प्राकृतिक आपदाएं किसानों की कमर तोड़ देती हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द गिरदावरी करवाने की मांग
किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द गिरदावरी करवाई जाए, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके। यह भी कहा कि समय पर मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कई किसानों ने फसल पर कर्ज लिया हुआ है, जिसे चुकाना अब मुश्किल हो सकता है। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए और राहत कार्यों में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी परेशानी को समझते हुए शीघ्र उचित मुआवजा देगी, ताकि संकट से उभर सकें।
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किसान डॉ. एचडी यादव ने बताया कि गेहूं की फसल इस समय पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार थी। ऐसे में अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई। इससे न केवल उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है बल्कि कटाई में भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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नीरज यादव ने बताया कि गेंदा की फसल, जो किसानों के लिए नकदी फसल के रूप में महत्वपूर्ण होती है, वह भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर खराब हो गई है। इसके अलावा सरसों की फसल को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
किसान वेदप्रकाश ने बताया कि जिन किसानों ने सरसों की कटाई कर ली थी, उनकी फसल खुले में रखी होने के कारण पूरी तरह भीग गई, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई और बाजार में उचित मूल्य मिलने की संभावना भी कम हो गई है। किसानों का कहना है कि इस नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।
किसान हैपी यादव ने बताया कि कई महीनों की मेहनत और निवेश के बाद तैयार फसल का इस तरह नष्ट होना बेहद पीड़ादायक है। किसान योगेंद्र सैन ने कहा कि खेती पहले ही लागत और जोखिम का काम है, ऐसे में प्राकृतिक आपदाएं किसानों की कमर तोड़ देती हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द गिरदावरी करवाने की मांग
किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द गिरदावरी करवाई जाए, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके। यह भी कहा कि समय पर मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कई किसानों ने फसल पर कर्ज लिया हुआ है, जिसे चुकाना अब मुश्किल हो सकता है। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए और राहत कार्यों में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी परेशानी को समझते हुए शीघ्र उचित मुआवजा देगी, ताकि संकट से उभर सकें।