रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की मासिक बैठक में किसानों ने सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि जहां-जहां नुकसान हुआ है, वहां क्षतिपूर्ति पोर्टल तुरंत खोला जाए। कहा कि वर्ष 2023 के बाजार भावांतर योजना के तहत मिलने वाली राशि अभी तक नहीं मिली है।
बैठक किसान भवन में प्रधान समय सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुद्दा उठाया कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वर्ष 2024 की ओलावृष्टि के नुकसान का मुआवजा और बीमा क्लेम भी अभी तक किसानों को नहीं मिला है जिससे किसानों में रोष है।
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संगठन के विस्तार पर भी चर्चा हुई और अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने का आह्वान किया गया।
प्रधान समय सिंह ने कहा कि मंडी में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या आने पर संगठन का एक शिष्टमंडल किसान भवन में मौजूद रहेगा और किसानों की मदद करेगा। मौके पर राजेंद्र कुमार गेरा, ओपी सिंह, लख्मीचंद इब्राहिमपुर, राजकुमार, शीशराम, राजेंद्र प्रसाद, नरेश, कृष्ण सैनी, खेमचंद, मनीषा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।