{"_id":"697fadf8181622e5dc0b7930","slug":"hopes-of-girls-hostel-have-arisen-in-the-district-students-will-get-benefit-rewari-news-c-198-1-rew1001-232934-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: जिले में गर्ल्स हास्टल की उम्मीद जगी, छात्राओं को मिलेगा लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: जिले में गर्ल्स हास्टल की उम्मीद जगी, छात्राओं को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
भाजपा जिला मुख्यालय में बड़ी स्क्रीन पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रस्तुत बजट को देखते न
विज्ञापन
रेवाड़ी। केंद्रीय बजट में प्रत्येक जिले में गर्ल्स हास्टल का निर्माण कराने का प्रावधान किया गया है। इससे जिले की छात्राओं में गर्ल्स हास्टल की उम्मीद जगी है। गर्ल्स हास्टल के प्रावधान को महिलाओं ने सराहा है।
केंद्रीय बजट 2026 में हर जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। लड़कियों की पढ़ाई अक्सर सुरक्षा, दूरी और ठहरने की सुविधा की कमी के कारण प्रभावित होती है। ऐसे में गर्ल्स हास्टल का निर्माण होने से छात्राओं को राहत मिलेगी। महिलाओं का कहना है कि यह पहल छात्राओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
इससे ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं के लिए कॉलेज जाना आसान होगा और पढ़ाई बीच में छोड़ने की मुख्य वजह रहने की समस्या कम होगी। सुरक्षित हॉस्टल छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वतंत्र निर्णय लेने का साहस देगा।
बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए शी मार्ट्स की स्थापना की घोषणा की गई है। महिलाओं का कहना है कि ये महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप और कारीगरों के लिए समर्पित बाज़ार होंगे।
-- -- -- -- --
कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल पहले से प्रस्तावित
कामकाजी महिलाओं के लिए जिले में पहले से ही महिला हॉस्टल प्रस्तावित है। शहर के सेक्टर-16 में हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इसमें 150 महिलाएं रह सकेंगी। महिला हॉस्टल के निर्माण की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार की ओर से सखी निवास योजना उन कामकाजी महिलाओं के लिए तैयार की गई है जो अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या किसी कारणवश अपने परिवार से अलग रहकर काम कर रही हैं। विवाहित महिलाएं जिनके पति या परिजन उसी शहर में नहीं रहते, वे भी इस हॉस्टल में रहने के लिए योग्य होंगी। इस योजना में समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। दिव्यांग महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का भी विशेष प्रावधान किया जाएगा।
--
गर्ल्स हास्टल बनाने से उन छात्राओं को राहत मिलेगी जिन्हें कॉलेज तो मिल जाता है लेकिन सुरक्षित छत नहीं मिलती। इसको देखते हुए वित्त मंत्री ने उच्च शिक्षा संस्थानों में हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है।-प्रियंका यादव, मयूर विहार।
-- -- -- -- -- -- -
गर्ल्स हॉस्टल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित आवास प्रदान करना है। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं के लिए कॉलेज जाना आसान होगा। पढ़ाई बीच में छोड़ने का सबसे बड़ा कारण अक्सर रहने की समस्या होती है, जो अब कम होगी। सुरक्षित हॉस्टल छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वतंत्र निर्णय लेने का साहस देगा।-डॉ. कविता गुप्ता, सेक्टर-4
-- -- -- -- --
बजट में शी मार्ट्स की स्थापना का प्रावधन किया गया है। ये महिलाओं के लिए समर्पित बाजार होंगे जहां महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह, स्टार्टअप्स और कारीगर अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगे। इसका उद्देश्य महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना, बिचौलियों पर निर्भरता कम करना, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और महिलाओं की आय एवं आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना है।-रेनू यादव, सेक्टर-18
-- -- -- --
गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण और संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि निर्माण कार्य और अन्य सेवाओं के लिए स्थानीय श्रमिक और व्यवसाय जुड़े रहेंगे। साथ ही हॉस्टल के निर्माण और संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और रोजगार सृजन में मदद होगी।-संतोष यादव, श्योराज माजरा
Trending Videos
केंद्रीय बजट 2026 में हर जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। लड़कियों की पढ़ाई अक्सर सुरक्षा, दूरी और ठहरने की सुविधा की कमी के कारण प्रभावित होती है। ऐसे में गर्ल्स हास्टल का निर्माण होने से छात्राओं को राहत मिलेगी। महिलाओं का कहना है कि यह पहल छात्राओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं के लिए कॉलेज जाना आसान होगा और पढ़ाई बीच में छोड़ने की मुख्य वजह रहने की समस्या कम होगी। सुरक्षित हॉस्टल छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वतंत्र निर्णय लेने का साहस देगा।
बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए शी मार्ट्स की स्थापना की घोषणा की गई है। महिलाओं का कहना है कि ये महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप और कारीगरों के लिए समर्पित बाज़ार होंगे।
कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल पहले से प्रस्तावित
कामकाजी महिलाओं के लिए जिले में पहले से ही महिला हॉस्टल प्रस्तावित है। शहर के सेक्टर-16 में हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इसमें 150 महिलाएं रह सकेंगी। महिला हॉस्टल के निर्माण की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार की ओर से सखी निवास योजना उन कामकाजी महिलाओं के लिए तैयार की गई है जो अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या किसी कारणवश अपने परिवार से अलग रहकर काम कर रही हैं। विवाहित महिलाएं जिनके पति या परिजन उसी शहर में नहीं रहते, वे भी इस हॉस्टल में रहने के लिए योग्य होंगी। इस योजना में समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। दिव्यांग महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का भी विशेष प्रावधान किया जाएगा।
गर्ल्स हास्टल बनाने से उन छात्राओं को राहत मिलेगी जिन्हें कॉलेज तो मिल जाता है लेकिन सुरक्षित छत नहीं मिलती। इसको देखते हुए वित्त मंत्री ने उच्च शिक्षा संस्थानों में हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है।-प्रियंका यादव, मयूर विहार।
गर्ल्स हॉस्टल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित आवास प्रदान करना है। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं के लिए कॉलेज जाना आसान होगा। पढ़ाई बीच में छोड़ने का सबसे बड़ा कारण अक्सर रहने की समस्या होती है, जो अब कम होगी। सुरक्षित हॉस्टल छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वतंत्र निर्णय लेने का साहस देगा।-डॉ. कविता गुप्ता, सेक्टर-4
बजट में शी मार्ट्स की स्थापना का प्रावधन किया गया है। ये महिलाओं के लिए समर्पित बाजार होंगे जहां महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह, स्टार्टअप्स और कारीगर अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगे। इसका उद्देश्य महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना, बिचौलियों पर निर्भरता कम करना, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और महिलाओं की आय एवं आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना है।-रेनू यादव, सेक्टर-18
गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण और संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि निर्माण कार्य और अन्य सेवाओं के लिए स्थानीय श्रमिक और व्यवसाय जुड़े रहेंगे। साथ ही हॉस्टल के निर्माण और संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और रोजगार सृजन में मदद होगी।-संतोष यादव, श्योराज माजरा
