{"_id":"69bda288b9dbb99a3b034e18","slug":"launching-scheme-not-approved-even-after-4-months-rewari-news-c-198-1-rew1001-235342-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: लॉन्चिंग स्कीम को 4 महीने बाद भी मंजूरी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: लॉन्चिंग स्कीम को 4 महीने बाद भी मंजूरी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:09 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। रेवाड़ी-सादलपुर रेलखंड पर डहीना-जैनाबाद रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में देरी से क्षेत्र के लोगों में रोष है। चार महीने पहले भेजी गई लॉन्चिंग स्कीम को अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे मुख्यालय से मंजूरी नहीं मिल पाई है, जिसके चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
यह परियोजना रेलवे बोर्ड की ओर से वर्ष 2022-23 में स्वीकृत की गई थी और इसका निर्माण हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम द्वारा लागत साझेदारी के आधार पर किया जाना है। तकनीकी मंजूरी के अभाव में फिलहाल काम पूरी तरह से रुका हुआ है।
निर्माण कार्य लंबित रहने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 6 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
शहर निवासी विवेक भाटोटिया ने उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजा है। उन्होंने मांग की है कि जनहित को देखते हुए लॉन्चिंग स्कीम को जल्द मंजूरी दी जाए ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
एलसी नंबर-78 पर इस आरओबी व अंडरब्रिज परियोजना को मंजूरी दिलाने में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और तत्कालीन सांसद व वर्तमान कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की अहम भूमिका रही थी।
-
क्या है लॉन्चिंग स्कीम और क्यों जरूरी है मंजूरी
लॉन्चिंग स्कीम पुल निर्माण की एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया होती है। इसके तहत यह तय किया जाता है कि रेलवे ट्रैक के ऊपर पुल के मुख्य ढांचे (गार्डर) को किस तरह सुरक्षित तरीके से स्थापित किया जाएगा। इसमें कार्य की पूरी प्रक्रिया, मशीनरी, ट्रैफिक ब्लॉक और सुरक्षा उपायों का विस्तृत खाका तैयार किया जाता है। रेलवे की मंजूरी के बिना इस प्रक्रिया को शुरू नहीं किया जा सकता, इसलिए इसकी स्वीकृति निर्माण कार्य का सबसे अहम चरण मानी जाती है।
Trending Videos
यह परियोजना रेलवे बोर्ड की ओर से वर्ष 2022-23 में स्वीकृत की गई थी और इसका निर्माण हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम द्वारा लागत साझेदारी के आधार पर किया जाना है। तकनीकी मंजूरी के अभाव में फिलहाल काम पूरी तरह से रुका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निर्माण कार्य लंबित रहने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 6 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
शहर निवासी विवेक भाटोटिया ने उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजा है। उन्होंने मांग की है कि जनहित को देखते हुए लॉन्चिंग स्कीम को जल्द मंजूरी दी जाए ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
एलसी नंबर-78 पर इस आरओबी व अंडरब्रिज परियोजना को मंजूरी दिलाने में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और तत्कालीन सांसद व वर्तमान कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की अहम भूमिका रही थी।
-
क्या है लॉन्चिंग स्कीम और क्यों जरूरी है मंजूरी
लॉन्चिंग स्कीम पुल निर्माण की एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया होती है। इसके तहत यह तय किया जाता है कि रेलवे ट्रैक के ऊपर पुल के मुख्य ढांचे (गार्डर) को किस तरह सुरक्षित तरीके से स्थापित किया जाएगा। इसमें कार्य की पूरी प्रक्रिया, मशीनरी, ट्रैफिक ब्लॉक और सुरक्षा उपायों का विस्तृत खाका तैयार किया जाता है। रेलवे की मंजूरी के बिना इस प्रक्रिया को शुरू नहीं किया जा सकता, इसलिए इसकी स्वीकृति निर्माण कार्य का सबसे अहम चरण मानी जाती है।