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Rewari News: आंगन की बगिया से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहीं पूजा
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घर में लगाए पौधे। संवाद
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रेवाड़ी। शहर के आनंद नगर की रहने वाली पूजा (30) ने अपने घर के छोटे से आंगन को खूबसूरत फूलों के बगीचे में बदल दिया है। उन्होंने घर में गुलाब गेंदावरी, गुड़हल और गेंदा समेत कई तरह के फूलों के पौधे लगाए हैं।
पूजा पिछले करीब पांच वर्षों से फूल लगा रही हैं। उनका कहना है कि शुरूआत उन्होंने शौक के तौर पर की थी लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया। वह अपने खाली समय का उपयोग पौधों की देखभाल में करती हैं जिससे उन्हें मानसिक शांति और खुशी मिलती है।
उनके अनुसार, पौधों के बीच समय बिताने से दिनभर की थकान दूर हो जाती है और मन को नई ऊर्जा मिलती है। पूजा रोजाना सुबह और शाम लगभग एक-एक घंटा अपने बगीचे को देती हैं। इस दौरान वह पौधों को पानी देना, सूखे पत्तों को हटाना और नई कोंपलों की देखभाल जैसे काम करती हैं।
खास बात यह है कि वह पौधों के लिए किसी रासायनिक खाद का प्रयोग न कर घर में निकलने वाले किचन वेस्ट और गोबर से तैयार जैविक खाद का इस्तेमाल करती हैं। इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
खुशबू और हरियाली से घर का माहौल सकारात्मक
पूजा ने बताया कि फूलों की खुशबू और हरियाली से घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है। फूलों से घर में सुकून मिलता है और मन को ऊर्जा मिलती है। उनके इस प्रयास से पड़ोसी भी प्रेरित हो रहे हैं और कई लोग अपने घरों में पौधे लगाने लगे हैं।
कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी हो गया है। बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के बीच हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, छतों या आंगन में पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
सुबह-शाम नियमित पानी दें
भाड़ावास मार्ग पर नर्सरी संचालक राजीव कुमार ने बताया कि गर्मी में फूलों की देखभाल के लिए सुबह-शाम नियमित पानी दें दोपहर की तेज धूप से बचाने हेतु शेड लगाएं। मिट्टी में नमी बनाए रखें और मल्चिंग करें। सूखे फूल-पत्ते हटाएं। जैविक खाद का हल्का प्रयोग करें। गमलों की सही ड्रेनेज व्यवस्था रखें ताकि पौधे स्वस्थ रहें।
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पूजा पिछले करीब पांच वर्षों से फूल लगा रही हैं। उनका कहना है कि शुरूआत उन्होंने शौक के तौर पर की थी लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया। वह अपने खाली समय का उपयोग पौधों की देखभाल में करती हैं जिससे उन्हें मानसिक शांति और खुशी मिलती है।
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उनके अनुसार, पौधों के बीच समय बिताने से दिनभर की थकान दूर हो जाती है और मन को नई ऊर्जा मिलती है। पूजा रोजाना सुबह और शाम लगभग एक-एक घंटा अपने बगीचे को देती हैं। इस दौरान वह पौधों को पानी देना, सूखे पत्तों को हटाना और नई कोंपलों की देखभाल जैसे काम करती हैं।
खास बात यह है कि वह पौधों के लिए किसी रासायनिक खाद का प्रयोग न कर घर में निकलने वाले किचन वेस्ट और गोबर से तैयार जैविक खाद का इस्तेमाल करती हैं। इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
खुशबू और हरियाली से घर का माहौल सकारात्मक
पूजा ने बताया कि फूलों की खुशबू और हरियाली से घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है। फूलों से घर में सुकून मिलता है और मन को ऊर्जा मिलती है। उनके इस प्रयास से पड़ोसी भी प्रेरित हो रहे हैं और कई लोग अपने घरों में पौधे लगाने लगे हैं।
कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी हो गया है। बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के बीच हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, छतों या आंगन में पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
सुबह-शाम नियमित पानी दें
भाड़ावास मार्ग पर नर्सरी संचालक राजीव कुमार ने बताया कि गर्मी में फूलों की देखभाल के लिए सुबह-शाम नियमित पानी दें दोपहर की तेज धूप से बचाने हेतु शेड लगाएं। मिट्टी में नमी बनाए रखें और मल्चिंग करें। सूखे फूल-पत्ते हटाएं। जैविक खाद का हल्का प्रयोग करें। गमलों की सही ड्रेनेज व्यवस्था रखें ताकि पौधे स्वस्थ रहें।

घर में लगाए पौधे। संवाद