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Rewari News: धारूहेड़ा में ग्राम सचिव पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश
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धारूहेड़ा। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (धारूहेड़ा) ने ग्राम सचिव विकास यादव को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को रिपोर्ट भेजते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट की कॉपी हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग चंडीगढ़ को भी भेजी गई है।
ग्राम सचिव विकास यादव पर 2021-22 के दौरान ग्राम पंचायत आशियाकी टप्पा जड़थल की शामलात भूमि के पट्टे की राशि में गबन करने का आरोप है। शिकायत गांव खरखड़ा निवासी कांता देवी ने सीएम विंडो पर 19 जनवरी को दर्ज कराई थी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 4,09,500 रुपये का पट्टा जारी किया गया लेकिन केवल 3,99,500 रुपये ही पंचायत खाते में जमा हुए। शेष 10 हजार रुपये कथित रूप से ग्राम सचिव ने अपने पास रख लिए और फर्जी रसीद बनाकर कैश बुक में एंट्री की।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि ग्राम सचिव पहले भी कई विवादों में रहे हैं जैसे ड्यूटी में लापरवाही, मुख्यालय से अनुपस्थित रहना, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और पंचायत कार्यों में गुटबाजी करना। वर्ष 2023 में भी उनकी जांच कर चार्जशीट भेजी जा चुकी है। अब बीडीपीओ ने ताजा मामले में भी कार्रवाई की सिफारिश की है।
इस मामले में कार्रवाई में देरी पर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2023 में रिपोर्ट उपायुक्त को भेजी जा चुकी थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायतकर्ता कांता देवी का कहना है कि मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम की जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है।
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ग्राम सचिव विकास यादव पर 2021-22 के दौरान ग्राम पंचायत आशियाकी टप्पा जड़थल की शामलात भूमि के पट्टे की राशि में गबन करने का आरोप है। शिकायत गांव खरखड़ा निवासी कांता देवी ने सीएम विंडो पर 19 जनवरी को दर्ज कराई थी।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, 4,09,500 रुपये का पट्टा जारी किया गया लेकिन केवल 3,99,500 रुपये ही पंचायत खाते में जमा हुए। शेष 10 हजार रुपये कथित रूप से ग्राम सचिव ने अपने पास रख लिए और फर्जी रसीद बनाकर कैश बुक में एंट्री की।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि ग्राम सचिव पहले भी कई विवादों में रहे हैं जैसे ड्यूटी में लापरवाही, मुख्यालय से अनुपस्थित रहना, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और पंचायत कार्यों में गुटबाजी करना। वर्ष 2023 में भी उनकी जांच कर चार्जशीट भेजी जा चुकी है। अब बीडीपीओ ने ताजा मामले में भी कार्रवाई की सिफारिश की है।
इस मामले में कार्रवाई में देरी पर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2023 में रिपोर्ट उपायुक्त को भेजी जा चुकी थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायतकर्ता कांता देवी का कहना है कि मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम की जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है।