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Rewari News: राहत...29 दिन बाद जलघरों में पहुंचा पानी, आज से नियमित होगी पेयजल की आपूर्ति

संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 06 Mar 2026 11:58 PM IST
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Relief... Water reaches waterworks after 29 days, drinking water supply will be regular from today
रेवाड़ी। जेएलएन नहर में छोड़ा जा रहा पानी। संवाद
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रेवाड़ी। लिसाना और कालाका स्थित जलघरों में 29 दिन बाद पानी पहुंच गया है। 4 मार्च को सोनीपत के खूबड़ू हेड से जेएलएन नहर में पानी छोड़ा गया था। जलघरों के वाटर टैंक भरे जा रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के जेई हेमंत कुमार ने बताया कि शनिवार से शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
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गर्मी में पानी की खपत बढ़ने से जलापूर्ति का दबाव बढ़ जाता है। लिसाना और कालाका दोनों जलघरों में कुल आठ टैंक हैं जिनकी 15 दिन के पानी का भंडारण करने की क्षमता है। ऐसे में आने वाले छह महीने शहरवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
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मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान बढ़ने लगा है। गर्मी के साथ ही शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति यह है कि शहर में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच लगभग आधा अंतर हो गया है।
मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति 155 लीटर पानी की आवश्यकता होती है लेकिन विभाग इसके मुकाबले करीब आधा ही पानी उपलब्ध करा पा रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, जिससे संकट और गहरा सकता है।
नहरी रोस्टर बनता है परेशानी का कारण : नहरी विभाग के रोस्टर के अनुसार नहर 24 दिन तक बंद रहती है और सीमित दिनों के लिए ही पानी छोड़ा जाता है। इस लंबे अंतराल के कारण जलघरों के टैंक जल्दी खाली हो जाते हैं।
इसके चलते विभाग को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। फिलहाल भी शहर में पिछले एक सप्ताह से इसी व्यवस्था के तहत पानी दिया जा रहा है।

महंगे टैंकरों का सहारा

शहर के वार्ड 1 से 23 तक का 70 प्रतिशत हिस्सा कालाका जलघर और वार्ड 24 से 31 तक का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा लिसाना जलघर पर निर्भर है। जलापूर्ति बंद होते ही लोगों को निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ता है। कई इलाकों में लोगों को 500 से 800 रुपये तक खर्च कर पानी खरीदना पड़ता है। बाहरी कॉलोनियों की स्थिति और भी खराब है जहां कई बार दो से तीन दिन तक पानी नहीं पहुंच पाता है।






शहर में जलसंकट के कई कारण

शहर में जल संकट के कई कारण हैं। कालाका वाटर वर्क्स की भंडारण क्षमता 950 लाख गैलन और लिसाना की 340 लाख गैलन है जो वर्तमान आबादी के मुकाबले काफी कम है। शहर का विस्तार और आबादी बढ़ने के बाद भी स्टोरेज क्षमता में वृद्धि नहीं हुई। नए टैंक के लिए जमीन नहीं मिलना भी बाधा है। नहरी रोस्टर में बदलाव और लंबे समय तक नहर बंद रहने से भी पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। शहर में 28 हजार वैध जल कनेक्शन हैं जबकि करीब 10 हजार अवैध कनेक्शन होने का अनुमान है। कई बाहरी कॉलोनियों में नलों पर टोंटी न होने के कारण पानी नालियों में बहता रहता है, जिससे पानी की बर्बादी भी बढ़ रही है।
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वर्जन
शहर में 29 दिनों से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही थी। अब टैंकों में पानी आ गया है। शनिवार से नियमित पेयजल आपूर्ति की जाएगी। कालाका में उपलब्ध चार ट्यूबवेल भी शुरू करने की योजना है ताकि अतिरिक्त पानी एकत्रित किया जा सके और लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।-हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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