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पैक्स को डिजिटल करने से आएगी पारदर्शिता : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:53 PM IST
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रेवाड़ी। जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी कमेटी की समीक्षा बैठक करते डीसी अभिषेक मीणा। स्रोत
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रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी कमेटी की बैठक में को-ऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पैक्स को डिजिटल मोड में करने से कार्य में पारदर्शिता आएगी।
डीसी ने नाबार्ड की ओर से चलाई जा रही योजनाओं, पैक्स की कार्य प्रणाली व जिला में संचालित को-ऑपरेटिव सोसायटी को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि जिला में संचालित पैक्स को डिजिटल रूप से जोड़ा जाना जरूरी है। पैक्स पर बिलिंग आदि से संबंधित कार्य डिजिटल माध्यम से होने से पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि सभी पैक्स पर डिजिटल रूप से कार्य किया जाए और समय-समय पर ऑडिट भी होनी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जिला में नाबार्ड द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के संचालन के बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि इन योजनाओं के बारे में प्रेरित करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इनका लाभ दिलवाया जाए।
उन्होंने कहा कि पैक्स संचालकों को ग्रेन स्टॉरेज करने को लेकर भी प्रोत्साहित किया जाए, ताकि उनको आर्थिक लाभ मिल सके। इसके लिए नाबार्ड व को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा दिए जा रहे किफायती लोन के बारे में भी जानकारी दी जाए।
इस अवसर पर उन्होंने को-ऑपरेटिव सोसायटी के बारे में भी जानकारी लेते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर को-ऑपरेटिव सोसायटी के महाप्रबंधक प्रशांत यादव, नाबार्ड एजीएम जगदीश परिहार, विकास अधिकारी राकेश यादव आदि मौजूद रहे।
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डीसी ने नाबार्ड की ओर से चलाई जा रही योजनाओं, पैक्स की कार्य प्रणाली व जिला में संचालित को-ऑपरेटिव सोसायटी को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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डीसी ने कहा कि जिला में संचालित पैक्स को डिजिटल रूप से जोड़ा जाना जरूरी है। पैक्स पर बिलिंग आदि से संबंधित कार्य डिजिटल माध्यम से होने से पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि सभी पैक्स पर डिजिटल रूप से कार्य किया जाए और समय-समय पर ऑडिट भी होनी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जिला में नाबार्ड द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के संचालन के बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि इन योजनाओं के बारे में प्रेरित करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इनका लाभ दिलवाया जाए।
उन्होंने कहा कि पैक्स संचालकों को ग्रेन स्टॉरेज करने को लेकर भी प्रोत्साहित किया जाए, ताकि उनको आर्थिक लाभ मिल सके। इसके लिए नाबार्ड व को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा दिए जा रहे किफायती लोन के बारे में भी जानकारी दी जाए।
इस अवसर पर उन्होंने को-ऑपरेटिव सोसायटी के बारे में भी जानकारी लेते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर को-ऑपरेटिव सोसायटी के महाप्रबंधक प्रशांत यादव, नाबार्ड एजीएम जगदीश परिहार, विकास अधिकारी राकेश यादव आदि मौजूद रहे।