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Rewari News: शहर में अब तक 1100 कुत्तों का हो पाया बधियाकरण, लक्ष्य 3 हजार का
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साधुशाह नगर में कुत्तों को पकड़ती प्रशासन की टीम। संवाद
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रेवाड़ी। शहर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके काटने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद नगर परिषद की तरफ से कुत्तों के बधियाकरण और टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद सिविल अस्पताल में कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
अस्पताल में रोजाना औसतन 30 से 40 मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर, नगर परिषद की तरफ से अभी तक करीब 1100 कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है। परिषद ने कुल 3 हजार आवारा कुत्तों के बधियाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पूरे अभियान पर लगभग 45 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जनवरी से अभी तक 2400 के करीब पूरे जिले में मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 30 से 40 मामले तो अकेले सिविल अस्पताल के हैं। कई लोग इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिक की ओर रूख करते हैं। ऐसे में कुत्तों के काटने की मूल संख्या काफी अधिक है।
सेक्टर 3 निवासी सुजीत सैनी ने बताया कि कुत्तों के बधियाकरण अभियान के बावजूद कई कॉलोनियों और बाजार क्षेत्रों में कुत्तों की संख्या अभी भी ज्यादा है। सेक्टर 1 निवासी सतवीर व मुकेश ने बताया कि रात के समय या सुबह-सुबह लोग टहलने निकलते हैं तो कुत्तों के झुंड घेर लेते हैं, जिससे डर का माहौल बना रहता है। कुत्तों की संख्या शहर में कई ज्यादा है।
कुत्ते कई बार कर चुके लोगों पर हमला : पिछले वर्ष गढ़ी बोलनी रोड के पास एक निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहे कुछ लोगों पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों को इलाज के लिए ट्राॅमा सेंटर में भर्ती करवाया गया था। एक युवक का अंगूठा कुत्ते ने चबा लिया था। सेक्टर-1 में रात के समय जाते वक्त कुत्तों के झुंड ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया था।
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अस्पताल में रोजाना औसतन 30 से 40 मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर, नगर परिषद की तरफ से अभी तक करीब 1100 कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है। परिषद ने कुल 3 हजार आवारा कुत्तों के बधियाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पूरे अभियान पर लगभग 45 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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जनवरी से अभी तक 2400 के करीब पूरे जिले में मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 30 से 40 मामले तो अकेले सिविल अस्पताल के हैं। कई लोग इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिक की ओर रूख करते हैं। ऐसे में कुत्तों के काटने की मूल संख्या काफी अधिक है।
सेक्टर 3 निवासी सुजीत सैनी ने बताया कि कुत्तों के बधियाकरण अभियान के बावजूद कई कॉलोनियों और बाजार क्षेत्रों में कुत्तों की संख्या अभी भी ज्यादा है। सेक्टर 1 निवासी सतवीर व मुकेश ने बताया कि रात के समय या सुबह-सुबह लोग टहलने निकलते हैं तो कुत्तों के झुंड घेर लेते हैं, जिससे डर का माहौल बना रहता है। कुत्तों की संख्या शहर में कई ज्यादा है।
कुत्ते कई बार कर चुके लोगों पर हमला : पिछले वर्ष गढ़ी बोलनी रोड के पास एक निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहे कुछ लोगों पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों को इलाज के लिए ट्राॅमा सेंटर में भर्ती करवाया गया था। एक युवक का अंगूठा कुत्ते ने चबा लिया था। सेक्टर-1 में रात के समय जाते वक्त कुत्तों के झुंड ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया था।

साधुशाह नगर में कुत्तों को पकड़ती प्रशासन की टीम। संवाद