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Rewari News: गायक बादशाह के गीत पर अध्यापक संघ ने जताया आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 07 Mar 2026 11:39 PM IST
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रेवाड़ी। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ ने हाल ही में रिलीज गायक बादशाह के गीत पर विरोध जताया है। संघ का आरोप है कि गीत में हरियाणा के ग्रामीण परिवेश, हरियाणा रोडवेज बसों और विशेष रूप से राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं का चित्रण आपत्तिजनक और द्विअर्थी शब्दों के माध्यम से किया गया है जो सामाजिक मर्यादाओं और नारी सम्मान के विरुद्ध है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि गीत में प्रयुक्त शब्दावली और दृश्य सामग्री सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। इस प्रकार की सामग्री समाज में महिलाओं के प्रति गलत मानसिकता को बढ़ावा दे सकती है। साथ ही यह हरियाणा की सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है।
संघ के राज्य प्रधान डॉ. दिनेश निम्बड़िया और राज्य महासचिव विनोद मोहड़ी ने कहा कि स्त्री जाति के विरुद्ध प्रयोग किए गए आपत्तिजनक शब्दों और संकेतों का संगठन कड़ा विरोध करता है। उन्होंने इसे समाज और शिक्षा जगत के लिए हानिकारक बताया।
संघ ने सरकार से मांग की है कि गीत टटेरी के प्रसारण और प्रचार पर प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही गीत में आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत करने के लिए गीतकार, गायक और निर्माता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त भविष्य में इस प्रकार की सामग्री के प्रकाशन और प्रसारण को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।
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संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि गीत में प्रयुक्त शब्दावली और दृश्य सामग्री सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। इस प्रकार की सामग्री समाज में महिलाओं के प्रति गलत मानसिकता को बढ़ावा दे सकती है। साथ ही यह हरियाणा की सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है।
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संघ के राज्य प्रधान डॉ. दिनेश निम्बड़िया और राज्य महासचिव विनोद मोहड़ी ने कहा कि स्त्री जाति के विरुद्ध प्रयोग किए गए आपत्तिजनक शब्दों और संकेतों का संगठन कड़ा विरोध करता है। उन्होंने इसे समाज और शिक्षा जगत के लिए हानिकारक बताया।
संघ ने सरकार से मांग की है कि गीत टटेरी के प्रसारण और प्रचार पर प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही गीत में आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत करने के लिए गीतकार, गायक और निर्माता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त भविष्य में इस प्रकार की सामग्री के प्रकाशन और प्रसारण को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।