सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Wetland Authority strict on Masani Barrage, sought detailed report from DC

Rewari News: मसानी बैराज को लेकर आर्द्रभूमि प्राधिकरण सख्त, डीसी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
Wetland Authority strict on Masani Barrage, sought detailed report from DC
मसानी बैराज में जमा दूषित पानी। संवाद
विज्ञापन
रेवाड़ी। 20 अप्रैल को राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के सदस्य सचिव विनय गौतम ने पत्र जारी कर डीसी को मसानी बैराज को आर्द्रभूमि घोषित करने और उसमें हो रहे प्रदूषण के संबंध में जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
Trending Videos

यह कार्रवाई गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव द्वारा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय सहित केंद्रीय संबंधित विभागों को सबूतों के साथ भेजे पत्र के बाद हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मसानी बैराज (साहबी नदी क्षेत्र) एक प्रमुख जल स्रोत है जो क्षेत्र के भू-जल स्तर और पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद इसमें बिना उपचारित सीवरेज और दूषित पानी बैराज में छोड़ा जा रहा है।
इस प्रदूषण का असर खरखड़ा, मसानी, तितरपुर, खलीयावास, निखरी, निगानियावास, रालियावास, जडथल, आशियाकी पांचोर, पीथनवास, सांपली सहित कई गांवों पर पड़ रहा है।
इसके अलावा संगवाड़ी, भूड़ला, लाधूवास, साल्हावास और बोलनी जैसे अन्य गांव भी प्रभावित हैं। ग्रामीण इसे वेटलैंड घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र भेजी जाए ताकि आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यदि रिपोर्ट के आधार पर ठोस कार्रवाई होती है तो आने वाले समय में बैराज को आर्द्रभूमि घोषित किया जा सकता है।




मामला एनजीटी में भी चल रहा है

प्रकाश यादव पहले ही इस मामले को एनजीटी दिल्ली में उठा चुके हैं जिसके बाद हरियाणा सरकार, राजस्थान सरकार और केंद्र स्तर पर समाधान के प्रयास जारी हैं। अब राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के पत्र के बाद इस पूरे प्रकरण में जल्द फैसला की उम्मीद जगी है।
सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान और भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य पहले ही रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुके हैं। ऐसे में साहबी बैराज को भी वेटलैंड घोषित करने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।



प्रवासी पक्षियों के लिए भी उपयुक्त स्थल बन सकता है बैराज
प्रकाश यादव का कहना है कि साहबी बैराज जल संरक्षण के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों के लिए भी उपयुक्त स्थल बन सकता है। सर्दियों में यहां पक्षियों की आवाजाही इसके प्राकृतिक महत्व को दर्शाती हैं।
हालांकि वर्तमान में बिना उपचारित दूषित पानी छोड़े जाने के कारण बैराज की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिसका असर जल गुणवत्ता, भू-जल और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।


आर्द्रभूमि घोषित करने की मांग को लेकर चल रहा हस्ताक्षर अभियान
मौजूदा समय में रिटायर्ड वन अधिकारी कमल सिंह यादव मसानी बैराज आर्द्रभूमि घोषित करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। कमल सिंह ने बताया कि समय के साथ नदी सूखती चली गई और वर्ष 2000 के बाद लगभग समाप्त हो गई।
बाद में शहर का उपचारित पानी यहां डालने का निर्णय लिया गया लेकिन धीरे-धीरे बिना शोधन किया गया गंदा और रासायनिक युक्त पानी बैराज में आने लगा। इसके दुष्प्रभाव इतने गंभीर हैं कि पक्षियों के मरने की घटनाएं सामने आई हैं पेड़ सूख चुके हैं।
आसपास के गांवों का भूजल भी प्रदूषित हो गया है। कई स्थानों पर पानी का रंग बदल गया है और कैंसर के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed