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Rewari News: फैक्टरी में आग लगने से मजदूर की मौत, मलबे के नीचे मिला कंकाल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 14 May 2026 11:50 PM IST
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मृतक राजेंद्र
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भिवाड़ी। डुग्गर फाइबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बुधवार दोपहर आग लगने के बाद कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आग लगने के करीब 24 घंटे बाद वीरवार दोपहर 1 बजे मलबे के नीचे एक मजदूर राजेंद्र (41) का कंकाल बरामद किया गया।
राजेंद्र 7 साल से भिवाड़ी की एक लेबर कॉलोनी में रहकर कंपनी में काम कर रहे थे। उनकी पत्नी और तीन बच्चे गांव में रहते हैं। राजेंद्र के रिश्तेदार अखिलेश कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह 9 बजे राजेंद्र काम पर कंपनी में आए थे।
दोपहर करीब 1 बजे कंपनी में आग लगने की सूचना मिली। जब वे कंपनी पहुंचे तो राजेंद्र कहीं नजर नहीं आए। कंपनी में 400 से 500 मजदूर काम करते हैं। पूछताछ पर कुछ लोगों ने बताया कि राजेंद्र मशीन चलाने के लिए ऊपर बने स्ट्रक्चर पर चढ़े हुए थे, उसी दौरान आग लग गई और वे उसकी चपेट में आ गए।
अखिलेश कुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने कंपनी प्रबंधन से राजेंद्र की तलाश करने की बार-बार गुहार लगाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पुलिस और प्रशासन को भी सूचित किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रात होने पर वे घर लौट गए और गुरुवार सुबह 6 बजे फिर पहुंचे। इस बार कंपनी प्रबंधन ने अंदर जाने से रोका और गेट पर ताला लगा दिया। काफी कहासुनी के बाद अंदर जाने दिया गया। मलबे में खोजबीन के दौरान राजेंद्र की पूरी तरह जल चुकी कंकाल नुमा लाश मिली।
लाश मिलने के बाद कंपनी में हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
भिवाड़ी जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. सागर अरोड़ा ने बताया कि पुलिस की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई थी। शव पूरी तरह जल चुका है और कंकाल में तब्दील हो चुका है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारणों का पता चलेगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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राजेंद्र 7 साल से भिवाड़ी की एक लेबर कॉलोनी में रहकर कंपनी में काम कर रहे थे। उनकी पत्नी और तीन बच्चे गांव में रहते हैं। राजेंद्र के रिश्तेदार अखिलेश कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह 9 बजे राजेंद्र काम पर कंपनी में आए थे।
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दोपहर करीब 1 बजे कंपनी में आग लगने की सूचना मिली। जब वे कंपनी पहुंचे तो राजेंद्र कहीं नजर नहीं आए। कंपनी में 400 से 500 मजदूर काम करते हैं। पूछताछ पर कुछ लोगों ने बताया कि राजेंद्र मशीन चलाने के लिए ऊपर बने स्ट्रक्चर पर चढ़े हुए थे, उसी दौरान आग लग गई और वे उसकी चपेट में आ गए।
अखिलेश कुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने कंपनी प्रबंधन से राजेंद्र की तलाश करने की बार-बार गुहार लगाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पुलिस और प्रशासन को भी सूचित किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रात होने पर वे घर लौट गए और गुरुवार सुबह 6 बजे फिर पहुंचे। इस बार कंपनी प्रबंधन ने अंदर जाने से रोका और गेट पर ताला लगा दिया। काफी कहासुनी के बाद अंदर जाने दिया गया। मलबे में खोजबीन के दौरान राजेंद्र की पूरी तरह जल चुकी कंकाल नुमा लाश मिली।
लाश मिलने के बाद कंपनी में हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
भिवाड़ी जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. सागर अरोड़ा ने बताया कि पुलिस की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई थी। शव पूरी तरह जल चुका है और कंकाल में तब्दील हो चुका है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारणों का पता चलेगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।