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Rewari News: अब भू-नक्शा पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे भू-नक्शा
Thu, 23 Jul 2026 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:58 PM IST
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रेवाड़ी। जिले में अब नागरिकों को अपनी जमीन, खेत, प्लॉट, सरकारी भूमि, पंचायत भूमि, सड़क, तालाब, जोहड़ और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की जानकारी के लिए राजस्व कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व विभाग ने जिले के 412 राजस्व गांवों में 409 गांवों के सजरा नक्शे भू-नक्शा पोर्टल हरियाणा पर ऑनलाइन कर दिए हैं।
अब लोग घर बैठे निशुल्क ऑनलाइन नक्शा देख और डाउनलोड कर सकेंगे। विभाग के अनुसार शेष तीन राजस्व गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके नक्शे भी पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। इसके बाद जिले के सभी गांवों का भूमि रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो जाएगा।
अब तक जमीन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए लोगों को पटवारी या राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार छोटी-सी जानकारी के लिए भी लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने से भूमि रिकॉर्ड तक पहुंच आसान होगी और लोगों के समय की बचत होगी। इसके साथ ही जमीन संबंधी कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
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डिजिटल भू-नक्शों से जमीन खरीदने और बेचने से पहले रिकॉर्ड का ऑनलाइन सत्यापन किया जा सकेगा। इससे फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा। वहीं खेतों और प्लॉटों की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट होने से सीमा विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
संपत्तियों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी
राजस्व विभाग का मानना है कि ऑनलाइन भू-नक्शों से सरकारी जमीन, सड़क, तालाब, जोहड़ और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। प्रशासन को अतिक्रमण की पहचान करने में आसानी होगी। इसके अलावा सड़क निर्माण, जल निकासी, पंचायत स्तर की योजनाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए विभिन्न विभागों को प्रामाणिक भूमि रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। डिजिटल व्यवस्था से आम लोगों को अपनी भूमि की वास्तविक स्थिति, सीमाओं और रिकॉर्ड की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। इससे जमीन संबंधी व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
वर्जन
गांवों के भू-नक्शे पोर्टल पर लाइव किए गए हैं। डिजिटल रिकॉर्ड से जमीन संबंधी जानकारी सटीक और पारदर्शी होगी। अब घर बैठे लोग अपने गांव का शजरा नक्शा देख और डाउनलोड कर सकते हैं।-अमनदीप लांबा, पोर्टलइंचार्ज, जीआईएस लैब, रेवाड़ी
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अब लोग घर बैठे निशुल्क ऑनलाइन नक्शा देख और डाउनलोड कर सकेंगे। विभाग के अनुसार शेष तीन राजस्व गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके नक्शे भी पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। इसके बाद जिले के सभी गांवों का भूमि रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो जाएगा।
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अब तक जमीन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए लोगों को पटवारी या राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार छोटी-सी जानकारी के लिए भी लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने से भूमि रिकॉर्ड तक पहुंच आसान होगी और लोगों के समय की बचत होगी। इसके साथ ही जमीन संबंधी कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
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डिजिटल भू-नक्शों से जमीन खरीदने और बेचने से पहले रिकॉर्ड का ऑनलाइन सत्यापन किया जा सकेगा। इससे फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा। वहीं खेतों और प्लॉटों की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट होने से सीमा विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
संपत्तियों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी
राजस्व विभाग का मानना है कि ऑनलाइन भू-नक्शों से सरकारी जमीन, सड़क, तालाब, जोहड़ और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। प्रशासन को अतिक्रमण की पहचान करने में आसानी होगी। इसके अलावा सड़क निर्माण, जल निकासी, पंचायत स्तर की योजनाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए विभिन्न विभागों को प्रामाणिक भूमि रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। डिजिटल व्यवस्था से आम लोगों को अपनी भूमि की वास्तविक स्थिति, सीमाओं और रिकॉर्ड की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। इससे जमीन संबंधी व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
वर्जन
गांवों के भू-नक्शे पोर्टल पर लाइव किए गए हैं। डिजिटल रिकॉर्ड से जमीन संबंधी जानकारी सटीक और पारदर्शी होगी। अब घर बैठे लोग अपने गांव का शजरा नक्शा देख और डाउनलोड कर सकते हैं।-अमनदीप लांबा, पोर्टलइंचार्ज, जीआईएस लैब, रेवाड़ी