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Rewari News: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में युवाओं ने निकाला आक्रोश मार्च
Fri, 24 Jul 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:00 AM IST
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते छात्र व युवा। संवाद
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रेवाड़ी। नीट का पेपर लीक होने के विरोध में दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों व युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को रेवाड़ी में युवाओं और छात्रों ने आक्रोश मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। महाराणा प्रताप चौक से शुरू हुआ मार्च मिनी सचिवालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीटीएम जितेंद्र कुमार को सौंपा।
ज्ञापन रवि मसीत के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में घटना की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।
ज्ञापन सौंपने के बाद छात्र नेता रवि मसीत ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ जो कुछ हुआ, उसने देशभर के युवाओं को आहत किया है। मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
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उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में युवाओं की आवाज को लाठियों के बल पर दबाने का प्रयास उचित नहीं माना जा सकता। रवि मसीत ने इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। यदि छात्रों से संवाद स्थापित किया जाता और उनकी बात सुनी जाती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने सरकार से युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को देखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
अपने अधिकार को लेकर आवाज उठा रहे युवा
युगल, संदीप, राकेश, राहुल ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य और अधिकार के लिए आवाज उठा रहा है। कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज से देश के युवाओं में आक्रोश है। लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित की जाए।
उचित कदम नहीं उठाया गया तो होगा आंदोलन
शिवराज, करम, राज यादव, शिवानी, मधु देवी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और संबंधित मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को जारी रखा जाएगा। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई और आक्रोश मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, न्याय की मांग को लेकर
इस अवसर पर किरण, रोहित, संदीप, चिराग, समय सिंह, हरीश, हर्ष, आशीष, तान्या, सचिन, यवन, कुणाल, मोहित, नीरज, साहिल सहित कई युवा और छात्र उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने अंत में कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों, सम्मान और न्याय की मांग को लेकर है। उन्होंने प्रशासन और केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में छात्रों के साथ ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग दोहराई।
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ज्ञापन रवि मसीत के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में घटना की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।
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ज्ञापन सौंपने के बाद छात्र नेता रवि मसीत ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ जो कुछ हुआ, उसने देशभर के युवाओं को आहत किया है। मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
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उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में युवाओं की आवाज को लाठियों के बल पर दबाने का प्रयास उचित नहीं माना जा सकता। रवि मसीत ने इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। यदि छात्रों से संवाद स्थापित किया जाता और उनकी बात सुनी जाती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने सरकार से युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को देखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
अपने अधिकार को लेकर आवाज उठा रहे युवा
युगल, संदीप, राकेश, राहुल ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य और अधिकार के लिए आवाज उठा रहा है। कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज से देश के युवाओं में आक्रोश है। लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित की जाए।
उचित कदम नहीं उठाया गया तो होगा आंदोलन
शिवराज, करम, राज यादव, शिवानी, मधु देवी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और संबंधित मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को जारी रखा जाएगा। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई और आक्रोश मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, न्याय की मांग को लेकर
इस अवसर पर किरण, रोहित, संदीप, चिराग, समय सिंह, हरीश, हर्ष, आशीष, तान्या, सचिन, यवन, कुणाल, मोहित, नीरज, साहिल सहित कई युवा और छात्र उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने अंत में कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों, सम्मान और न्याय की मांग को लेकर है। उन्होंने प्रशासन और केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में छात्रों के साथ ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग दोहराई।

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते छात्र व युवा। संवाद

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते छात्र व युवा। संवाद

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते छात्र व युवा। संवाद