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Rewari News: युवाओं ने की राष्ट्रीय रोजगार नीति लागू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:40 PM IST
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युवाओं की समस्या सुनते लोक सेवा मंच के पदाधिकारी। स्रोत : संस्था
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रेवाड़ी। मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत सोमवार को भाड़ावास चौक के समीप आयोजित बैठक में शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने रोजगार से जुड़ी अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। युवाओं ने सरकार से राष्ट्रीय रोजगार नीति जल्द लागू करने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने की मांग की।
बैठक में लोक सेवा मंच के प्रधान अशोक प्रधान तथा लोक सेवा मंच की कोर कमेटी के सदस्य बीके राम सिंह मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवाओं और युवतियों ने रोजगार नहीं मिलने से हो रही परेशानियों को साझा किया। युवाओं ने कहा कि वर्षों तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बावजूद उन्हें रोजगार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
युवाओं ने सुझाव दिया कि जिस प्रकार प्रदेश सरकार खेलों का वार्षिक कैलेंडर जारी करती है, उसी प्रकार रोजगार का भी वार्षिक कैलेंडर घोषित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल पहले से तय होना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
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बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि केंद्र और हरियाणा सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कर्मचारी चयन आयोग की तर्ज पर वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू किया जाए। इससे भर्ती विज्ञापन, परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकेगी।
युवाओं ने कहा कि देश में राष्ट्रीय रोजगार नीति के अभाव में हर हाथ को काम का लक्ष्य अधूरा दिखाई देता है। सरकार को रोजगार सृजन और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए जल्द राष्ट्रीय रोजगार नीति लागू करनी चाहिए।
इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रोफेशनल कोर्सों की प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बस, ट्रेन और हवाई यात्रा में पूर्ण किराया छूट देने की मांग भी रखी गई।
प्रधान अशोक ने कहा कि शिक्षित बेरोजगारों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रभावी रोजगार नीतियां बनाने की आवश्यकता है। युवाओं ने यह भी मांग रखी कि रोजगार मिलने तक प्रत्येक बेरोजगार युवक-युवती को 20 हजार रुपये प्रतिमाह जॉब्लेस क्लेम या गुजारा भत्ता दिया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि युवाओं की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा खेल, रोजगार एवं युवा मामलों से जुड़े मंत्रियों को ज्ञापन भेजे जाएंगे।
बैठक में लोक सेवा मंच के प्रधान अशोक प्रधान तथा लोक सेवा मंच की कोर कमेटी के सदस्य बीके राम सिंह मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवाओं और युवतियों ने रोजगार नहीं मिलने से हो रही परेशानियों को साझा किया। युवाओं ने कहा कि वर्षों तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बावजूद उन्हें रोजगार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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युवाओं ने सुझाव दिया कि जिस प्रकार प्रदेश सरकार खेलों का वार्षिक कैलेंडर जारी करती है, उसी प्रकार रोजगार का भी वार्षिक कैलेंडर घोषित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल पहले से तय होना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि केंद्र और हरियाणा सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कर्मचारी चयन आयोग की तर्ज पर वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू किया जाए। इससे भर्ती विज्ञापन, परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकेगी।
युवाओं ने कहा कि देश में राष्ट्रीय रोजगार नीति के अभाव में हर हाथ को काम का लक्ष्य अधूरा दिखाई देता है। सरकार को रोजगार सृजन और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए जल्द राष्ट्रीय रोजगार नीति लागू करनी चाहिए।
इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रोफेशनल कोर्सों की प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बस, ट्रेन और हवाई यात्रा में पूर्ण किराया छूट देने की मांग भी रखी गई।
प्रधान अशोक ने कहा कि शिक्षित बेरोजगारों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रभावी रोजगार नीतियां बनाने की आवश्यकता है। युवाओं ने यह भी मांग रखी कि रोजगार मिलने तक प्रत्येक बेरोजगार युवक-युवती को 20 हजार रुपये प्रतिमाह जॉब्लेस क्लेम या गुजारा भत्ता दिया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि युवाओं की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा खेल, रोजगार एवं युवा मामलों से जुड़े मंत्रियों को ज्ञापन भेजे जाएंगे।