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Rohtak News: गर्मी में पेयजल किल्लत दूर करेगा 12.45 करोड़ से बना बूस्टर
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09-आईडीसी स्थित बूस्टर का पेयजल स्टोरेज टैंक। अमर उजाला
- फोटो : संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। गर्मी में पेयजल किल्लत को लेकर प्रशासन अभी से अलर्ट हो गया है। इसके तहत आईडीसी इलाके में 12.45 करोड़ से बना बूस्टर चालू कर दिया गया है। इससे कम प्रेशर वाले इलाके तक पानी पहुंचने लगा है।
यहां 16.63 करोड़ रुपये से पाइप लाइन बदलने का भी काम तेज कर दिया गया है। लीकेज दूर होने से लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। यही नहीं, अवैध कनेक्शन हटाने व पुरानी लीकेज ठीक करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
जिला प्रशासन कैनाल बेस्ड सिस्टम के जरिए दिन में दो बार पानी सप्लाई दे रहा है। पीक डिमांड और नहर बंद होने के समय समस्याग्रस्त इलाकों के लिए टैंकर भेजने का प्लान है।
इसके अलावा, रैनकपुरा व सलारा मोहल्ला जैसे पुराने समस्याग्रस्त इलाकों में बूस्टर चालू किए जा रहे हैं। इससे गर्मी में जमीनी स्तर पर सुधार नजर आने का दावा किया गया है।
मानसून की तैयारी (पानी जमा होने व बाढ़ मैनेजमेंट) के तहत शहरी व ग्रामीण इलाकों में दो तरह की रणनीति लागू की जाएगी। शहरी इलाके में नालों से गाद निकालने का काम शुरू हो गया है। ड्रेनेज गैप बंद किए जा रहे हैं। पानी का आसानी से बहाव पक्का करने के लिए नालों पर से कब्जा हटाया जा रहा है।
एमडीयू गेट, रेडियो स्टेशन, गोकर्ण इलाके में पानी जमा होने वाली जगहों पर काम के लिए टेंडर हो चुके हैं। दिल्ली रोड ड्रेन को बेहतर बनाने का काम पहले से ही चल रहा है। ज्यादा बारिश से निपटने के लिए पंपिंग का इंतजाम, मशीनरी व मैनपावर पहले से तैयार कर दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्र में बाढ़ की आशंका वाले इलाके पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत रोहतक, महम, कलानौर और सांपला में मानसून के समय बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव के जरूरी कामों को प्राथमिकता दी गई है।
इनमें ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना, आउटफॉल को बेहतर बनाना व पानी निकालने की क्षमता को बढ़ाना शामिल हैं। इसका मकसद टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है।
वर्जन
गर्मी में पेयजल व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए अभी से काम शुरू कर दिया गया है। मई के आखिर तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। इसका मकसद गर्मियों में पानी की लगातार सप्लाई व मानसून में कम से कम पानी जमा होना सुनिश्चित करना है। इससे फसल का नुकसान कम होगा व रोजी-रोटी सुरक्षित रहेगी।
- सचिन गुप्ता, उपायुक्त
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रोहतक। गर्मी में पेयजल किल्लत को लेकर प्रशासन अभी से अलर्ट हो गया है। इसके तहत आईडीसी इलाके में 12.45 करोड़ से बना बूस्टर चालू कर दिया गया है। इससे कम प्रेशर वाले इलाके तक पानी पहुंचने लगा है।
यहां 16.63 करोड़ रुपये से पाइप लाइन बदलने का भी काम तेज कर दिया गया है। लीकेज दूर होने से लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। यही नहीं, अवैध कनेक्शन हटाने व पुरानी लीकेज ठीक करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
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जिला प्रशासन कैनाल बेस्ड सिस्टम के जरिए दिन में दो बार पानी सप्लाई दे रहा है। पीक डिमांड और नहर बंद होने के समय समस्याग्रस्त इलाकों के लिए टैंकर भेजने का प्लान है।
इसके अलावा, रैनकपुरा व सलारा मोहल्ला जैसे पुराने समस्याग्रस्त इलाकों में बूस्टर चालू किए जा रहे हैं। इससे गर्मी में जमीनी स्तर पर सुधार नजर आने का दावा किया गया है।
मानसून की तैयारी (पानी जमा होने व बाढ़ मैनेजमेंट) के तहत शहरी व ग्रामीण इलाकों में दो तरह की रणनीति लागू की जाएगी। शहरी इलाके में नालों से गाद निकालने का काम शुरू हो गया है। ड्रेनेज गैप बंद किए जा रहे हैं। पानी का आसानी से बहाव पक्का करने के लिए नालों पर से कब्जा हटाया जा रहा है।
एमडीयू गेट, रेडियो स्टेशन, गोकर्ण इलाके में पानी जमा होने वाली जगहों पर काम के लिए टेंडर हो चुके हैं। दिल्ली रोड ड्रेन को बेहतर बनाने का काम पहले से ही चल रहा है। ज्यादा बारिश से निपटने के लिए पंपिंग का इंतजाम, मशीनरी व मैनपावर पहले से तैयार कर दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्र में बाढ़ की आशंका वाले इलाके पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत रोहतक, महम, कलानौर और सांपला में मानसून के समय बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव के जरूरी कामों को प्राथमिकता दी गई है।
इनमें ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना, आउटफॉल को बेहतर बनाना व पानी निकालने की क्षमता को बढ़ाना शामिल हैं। इसका मकसद टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है।
वर्जन
गर्मी में पेयजल व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए अभी से काम शुरू कर दिया गया है। मई के आखिर तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। इसका मकसद गर्मियों में पानी की लगातार सप्लाई व मानसून में कम से कम पानी जमा होना सुनिश्चित करना है। इससे फसल का नुकसान कम होगा व रोजी-रोटी सुरक्षित रहेगी।
- सचिन गुप्ता, उपायुक्त