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Rohtak News: 54 डॉक्टर रहे हड़ताल पर, मेडिकल छात्रों ने संभाली ओपीडी नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने नहीं किया मरीजों का इलाज, व्यवस्था चरमराई
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05-नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
- फोटो : Social Media
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- चिकित्सकों के कार्य न करने से रोजाना होने वाले लैब टेस्ट भी सामान्य से आधे हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। नागरिक अस्पताल में होली के दिन करनाल के घरौंडा में एसएचओ व अन्य पुलिसकर्मियों की ओर से आपातकालीन विभाग में ड्यूटी के दौरान डॉ. प्रशांत के साथ मारपीट व अपहरण कर थाने में ले जाने के विरोध में करीब 154 डॅक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का इलाज नहीं किया। मेडिकल छात्रों ने ही ओपीडी संभाली। इससे मरीजों की उपचार व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अतिरिक्त चिकित्सकों की उपस्थिति से ओपीडी प्रभावित नहीं हुई।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन रोहतक के प्रधान डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत मेडिकल अफसरों ने कार्य न करके विरोध दिखाया। इनमें जिले के नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में कार्यरत मेडिकल अफसर शामिल हैं।
इनमें से लगभग सभी हड़ताल पर रहे। गंभीर मरीजों को देखते हुए आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई हैं। जब तक मामले में सरकार की तरफ से कार्रवाई नहीं की जाती, तब चिकित्सक कार्य नहीं करेंगे।
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रोजाना की तुलना में आधे लैब टेस्ट हुए
नागरिक अस्पताल में कार्यरत लैब प्रभारी पंकज ने बताया कि हड़ताल का असर लैब में टेस्ट पर भी देखने को मिला है। रोजाना अस्पताल में लगभग 150 टेस्ट होते थे। शनिवार को संख्या घटकर 75 के आसपास ही रही। अधिकतर चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने के कारण कम टेस्ट ही लिखे गए।
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केस-1
पुराने बस स्टैंड के पास रहने वाले राहुल ने बताया कि वह अपने दो बच्चों का इलाज कराने पहुंचे थे। बच्चों को खांसी व जुकाम की दिक्कत है। यहां आए आधा घंटा हो गया है। कहा जा रहा है डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कोई बैठा ही नहीं है।
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केस 2
गांव जसिया निवासी अनिल ने बताया कि दो दिन पहले पेट में दर्द होेने पर दवाई लेेने आया था। आज दोबारा दवाई लेने आया तो कमरे में डॉक्टर ही नहीं मिला। पूछने पर स्टाफ ने पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
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वर्जन
1656 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। पांच सर्जरी हुई। इनमें चार सिजेरियन व एक हड्डी का ऑपरेशन शामिल हैं। लेबर रूम व आपात सेवाएं सामान्य तौर पर चलती रहीं। ओपीडी भी लगभग सामान्य चली।
- डॉ. पुष्पेंद्र, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। नागरिक अस्पताल में होली के दिन करनाल के घरौंडा में एसएचओ व अन्य पुलिसकर्मियों की ओर से आपातकालीन विभाग में ड्यूटी के दौरान डॉ. प्रशांत के साथ मारपीट व अपहरण कर थाने में ले जाने के विरोध में करीब 154 डॅक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का इलाज नहीं किया। मेडिकल छात्रों ने ही ओपीडी संभाली। इससे मरीजों की उपचार व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अतिरिक्त चिकित्सकों की उपस्थिति से ओपीडी प्रभावित नहीं हुई।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन रोहतक के प्रधान डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत मेडिकल अफसरों ने कार्य न करके विरोध दिखाया। इनमें जिले के नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में कार्यरत मेडिकल अफसर शामिल हैं।
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इनमें से लगभग सभी हड़ताल पर रहे। गंभीर मरीजों को देखते हुए आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई हैं। जब तक मामले में सरकार की तरफ से कार्रवाई नहीं की जाती, तब चिकित्सक कार्य नहीं करेंगे।
रोजाना की तुलना में आधे लैब टेस्ट हुए
नागरिक अस्पताल में कार्यरत लैब प्रभारी पंकज ने बताया कि हड़ताल का असर लैब में टेस्ट पर भी देखने को मिला है। रोजाना अस्पताल में लगभग 150 टेस्ट होते थे। शनिवार को संख्या घटकर 75 के आसपास ही रही। अधिकतर चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने के कारण कम टेस्ट ही लिखे गए।
केस-1
पुराने बस स्टैंड के पास रहने वाले राहुल ने बताया कि वह अपने दो बच्चों का इलाज कराने पहुंचे थे। बच्चों को खांसी व जुकाम की दिक्कत है। यहां आए आधा घंटा हो गया है। कहा जा रहा है डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कोई बैठा ही नहीं है।
केस 2
गांव जसिया निवासी अनिल ने बताया कि दो दिन पहले पेट में दर्द होेने पर दवाई लेेने आया था। आज दोबारा दवाई लेने आया तो कमरे में डॉक्टर ही नहीं मिला। पूछने पर स्टाफ ने पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
वर्जन
1656 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। पांच सर्जरी हुई। इनमें चार सिजेरियन व एक हड्डी का ऑपरेशन शामिल हैं। लेबर रूम व आपात सेवाएं सामान्य तौर पर चलती रहीं। ओपीडी भी लगभग सामान्य चली।
- डॉ. पुष्पेंद्र, एसएमओ, नागरिक अस्पताल