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Rohtak News: शहर के कोचिंग सेंटरों में हो सकता है लखनऊ सरीखा अग्निकांड

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:47 AM IST
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A fire tragedy similar to the one in Lucknow could occur at the city's coaching centers.
21-सोनीपत रोड पर ​स्थित एक कोचिंग सेंटर। संवाद
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रोहतक। रोंगटे खड़े कर देने वाला लखनऊ सरीखा अग्निकांड रोहतक में भी हो सकता है। इसकी वजह छोटे-छोटे कमरों व आग से असुरक्षित भवनों में चल रहे कोचिंग सेंटर हैं। यहां न आग से बचाव के उपाय हैं, न आपात द्वार।

बहुमंजिला भवनों में तंग सीढ़ी ही ऊपर या नीचे आने-जाने का एकमात्र साधन है। अगर यहां अग्निकांड हो गया तो बचाव के लिए खिड़की तक नहीं हैं। ऐसे में बगैर एनओसी शहर में धड़ल्ले से चल रहे 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटर कभी भी बड़ी जनहानि का कारण बन सकते हैं। हाल ही में डी-पार्क बाजार में अग्निकांड के बावजूद नगर निगम प्रशासन मौन है।
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शहर के विभिन्न बाजारों, कॉलोनी व मोहल्लों की तंग गलियों व भवनों में ज्यादातर कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इनके पास दमकल विभाग की एनओसी तक नहीं है। यहां नीट, जेईई, सरकारी नौकरी व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। इनमें किसी स्कूलों की तरह बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं।
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यहां एक ही कक्षा में 60 से 70 बच्चे होते हैं। कमरे के हालात ऐसे होते हैं कि एक बार कोई अंदर चला जाए तो बाहर आने के लिए विद्यार्थी को जद्दोजहद करनी पड़ती है। अधिकतर कोचिंग सेंटर बहुमंजिला हैं। इनमें से दो-चार को छोड़ दें तो शेष में लिफ्ट नहीं हैं। यहां सीढि़यां ही आने-जाने का एकमात्र साध है। हर सेंटर में एक बार में औसतन 300 से 700 बच्चे होते हैं। ये दिनभर बैच के अनुसार आते-जाते रहते हैं।
100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों में से सिर्फ पांच के पास फायर एनओसी
दमकल विभाग के अनुसार शहर के 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों में से महज पांच के पास फायर एनओसी है। ऐसे में यदि हादसा हुआ तो बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता है। शहर के बाबरा मोहल्ला, पावर हाउस चौक, शीला बाईपास, डीएलएफ कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, भरत कॉलोनी, जनता कॉलोनी, रामगोपाल कॉलोनी, जसबीर कॉलोनी, सेक्टरों इलाके में कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे कोचिंग सेंटर की जांच की चिंता अधिकारियों को भी नहीं है।
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अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए शहर में सर्वे कराया जाएगा। काेचिंग सेंटरों में फायर एनओसी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
- सज्जन सिंह, मंडल दमकल अधिकारी, रोहतक
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डी-पार्क अग्निकांड ने लील ली थीं तीन जिंदगियां
शहर के व्यस्त बाजार डी-पार्क पर हाल ही में हुए अग्निकांड ने तीन जिंदगियां लील ली थीं। यहां दस दुकानों समेत 17 लोगों का करोड़ों का सामान जलकर राख हो गया था। इस अग्निकांड ने दमकल टीम के भी पसीने छुड़ा दिए थे। यहां लगातार 24 घंटे तक दमकल वाहन तैनात रहे। अब तक यह बाजार दोबारा नहीं संभल पाया है। पीड़ितों को मुआवजा मिलने का इंतजार है।
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कोचिंग सेंटर की तीसरी मंजिल से गिरकर घायल हुई थी छात्रा
मॉडल टाउन स्थित एक कोचिंग सेंटर की तीसरी मंजिल से वर्ष 2019 में एक छात्रा नीचे गिर गई थी। इलाज के लिए पीजीआई ले जाया गया था। यहां उनके पैरों में फ्रैक्चर बताया गया था। बाद में यहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया था।

21-सोनीपत रोड पर स्थित एक कोचिंग सेंटर। संवाद

21-सोनीपत रोड पर स्थित एक कोचिंग सेंटर। संवाद

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