{"_id":"6a39a67059f0285bac0709e4","slug":"dreaming-of-the-olympics-is-our-strength-district-athletes-are-gearing-up-for-2028-rohtak-news-c-17-roh1020-877043-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: ओलंपिक का सपना देखना हमारी ताकत 2028 की तैयारी में जुटे जिले के खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: ओलंपिक का सपना देखना हमारी ताकत 2028 की तैयारी में जुटे जिले के खिलाड़ी
विज्ञापन
25-रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में खेलों के लिए तैयारी करते कुश्ती खिलाड़ी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक । ओलंपिक का रिंग दूर नहीं, बल्कि संकल्प के करीब है। सपना देखना कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है। इसी सोच के साथ जिले के खिलाड़ी 2028 लॉस एंजेल्स ओलंपिक के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मैदान पर उनके कदम तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का वादा कर रहे हैं। िजले में बैडमिंटन, कुश्ती, बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस और शूटिंग समेत कई खेलों के खिलाड़ी कोच के मार्गदर्शन में स्टेडियम और नर्सरियों में रोजाना अभ्यास कर खुद को निखार रहे हैं। रुड़की की बॉक्सर मीनाक्षी हुड्डा पिछले 12 साल से रिंग में पसीना बहा रही हैं। 48 किलोग्राम वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी मीनाक्षी अब 51 किलोग्राम वर्ग में ओलंपिक की तैयारी करते हुए वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही हैं।
वहीं सुहाना सैनी जैसे खिलाड़ी पांच साल की उम्र से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वर्ल्ड रैंकिंग को लेकर कुछ निराशा जरूर है, लेकिन ओलंपिक में जगह बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
कुश्ती क्षेत्र के खिलाड़ी जिन्होंने 2018 से करियर शुरू किया, एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर तथा वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। ये खिलाड़ी ओलंपिक में जगह बनाने के लिए लगातार खुद को साबित कर रहे हैं।
विज्ञापन
रोहतक । ओलंपिक का रिंग दूर नहीं, बल्कि संकल्प के करीब है। सपना देखना कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है। इसी सोच के साथ जिले के खिलाड़ी 2028 लॉस एंजेल्स ओलंपिक के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मैदान पर उनके कदम तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का वादा कर रहे हैं। िजले में बैडमिंटन, कुश्ती, बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस और शूटिंग समेत कई खेलों के खिलाड़ी कोच के मार्गदर्शन में स्टेडियम और नर्सरियों में रोजाना अभ्यास कर खुद को निखार रहे हैं। रुड़की की बॉक्सर मीनाक्षी हुड्डा पिछले 12 साल से रिंग में पसीना बहा रही हैं। 48 किलोग्राम वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी मीनाक्षी अब 51 किलोग्राम वर्ग में ओलंपिक की तैयारी करते हुए वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही हैं।
वहीं सुहाना सैनी जैसे खिलाड़ी पांच साल की उम्र से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वर्ल्ड रैंकिंग को लेकर कुछ निराशा जरूर है, लेकिन ओलंपिक में जगह बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुश्ती क्षेत्र के खिलाड़ी जिन्होंने 2018 से करियर शुरू किया, एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर तथा वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। ये खिलाड़ी ओलंपिक में जगह बनाने के लिए लगातार खुद को साबित कर रहे हैं।

25-रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में खेलों के लिए तैयारी करते कुश्ती खिलाड़ी। संवाद

25-रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में खेलों के लिए तैयारी करते कुश्ती खिलाड़ी। संवाद

25-रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में खेलों के लिए तैयारी करते कुश्ती खिलाड़ी। संवाद

25-रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में खेलों के लिए तैयारी करते कुश्ती खिलाड़ी। संवाद

25-रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में खेलों के लिए तैयारी करते कुश्ती खिलाड़ी। संवाद