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Rohtak News: 3 से 8 मई तक सजेगी अभिव्यंजना, विद्यार्थियों की सालभर की कला एक मंच पर
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 26 Apr 2026 02:03 AM IST
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रोहतक। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स में वार्षिक कला प्रदर्शनी अभिव्यंजना का आयोजन 3 से 8 मई 2026 तक किया जाएगा। इस स्टूडेंट्स शोकेस में स्नातक और स्नातकोत्तर के प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थी अपनी वर्षभर की तैयार की गई कलाकृतियों को प्रदर्शित करेंगे।
प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक मंच प्रदान करना है। जहां वे अपनी रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और कलात्मक दृष्टि को दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर सकें।
रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने बताया कि अभिव्यंजना सुपवा के उभरते कलाकारों के लिए एक ऐसा मंच है जहां वे अपनी प्रतिभा, विचार और अभिव्यक्ति को विभिन्न कला रूपों के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि सुपवा के विद्यार्थियों के अद्भुत कार्यों को देखने अवश्य आएं।
सालभर की मेहनत का होगा प्रदर्शन
विनय कुमार, सहायक प्रोफेसर ने बताया कि अभिव्यंजना में विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष तैयार किए गए आर्टवर्क को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी न केवल उनके अभ्यास और सीखने की प्रक्रिया को दर्शाती है बल्कि कला के माध्यम से उनके विचारों और अभिव्यक्ति को भी सामने लाती है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के शामिल होने की उम्मीद है।
विभिन्न विभागों की कृतियां होंगी शामिल
प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एनीमेशन, मल्टीमीडिया, एप्लाइड आर्ट्स, पेंटिंग, स्कल्प्चर और प्रिंटमेकिंग के विद्यार्थियों की कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। पारंपरिक और आधुनिक कला शैलियों का यह संगम दर्शकों को विविध अनुभव प्रदान करेगा। डिजिटल आर्ट से लेकर क्लासिकल पेंटिंग और थ्री-डायमेंशनल स्कल्प्चर तक, हर माध्यम की झलक यहां देखने को मिलेगी।
कला और विचारों का जीवंत मंच
वार्षिक आयोजन सुपवा की पहचान बन चुका है। जहां कला और नए विचारों का जीवंत संगम देखने को मिलता है। अभिव्यंजना न केवल विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर है बल्कि समाज को समकालीन कला से जोड़ने का भी माध्यम है। प्रदर्शनी में आने वाले दर्शकों को एक समृद्ध और प्रेरणादायक अनुभव मिलेगा जो कला के प्रति उनकी समझ को और गहरा करेगा।
अभिव्यंजना नाम का मतलब ही है अभिव्यक्ति। यह छह दिन चलने वाला कार्यक्रम विद्यार्थियों की क्रिएटिविटी और उनके विचारों को सामने लाने का एक सशक्त मंच है।
- डॉ. अमित आर्य, कुलपति, सुपवा।
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प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक मंच प्रदान करना है। जहां वे अपनी रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और कलात्मक दृष्टि को दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर सकें।
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रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने बताया कि अभिव्यंजना सुपवा के उभरते कलाकारों के लिए एक ऐसा मंच है जहां वे अपनी प्रतिभा, विचार और अभिव्यक्ति को विभिन्न कला रूपों के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि सुपवा के विद्यार्थियों के अद्भुत कार्यों को देखने अवश्य आएं।
सालभर की मेहनत का होगा प्रदर्शन
विनय कुमार, सहायक प्रोफेसर ने बताया कि अभिव्यंजना में विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष तैयार किए गए आर्टवर्क को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी न केवल उनके अभ्यास और सीखने की प्रक्रिया को दर्शाती है बल्कि कला के माध्यम से उनके विचारों और अभिव्यक्ति को भी सामने लाती है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के शामिल होने की उम्मीद है।
विभिन्न विभागों की कृतियां होंगी शामिल
प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एनीमेशन, मल्टीमीडिया, एप्लाइड आर्ट्स, पेंटिंग, स्कल्प्चर और प्रिंटमेकिंग के विद्यार्थियों की कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। पारंपरिक और आधुनिक कला शैलियों का यह संगम दर्शकों को विविध अनुभव प्रदान करेगा। डिजिटल आर्ट से लेकर क्लासिकल पेंटिंग और थ्री-डायमेंशनल स्कल्प्चर तक, हर माध्यम की झलक यहां देखने को मिलेगी।
कला और विचारों का जीवंत मंच
वार्षिक आयोजन सुपवा की पहचान बन चुका है। जहां कला और नए विचारों का जीवंत संगम देखने को मिलता है। अभिव्यंजना न केवल विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर है बल्कि समाज को समकालीन कला से जोड़ने का भी माध्यम है। प्रदर्शनी में आने वाले दर्शकों को एक समृद्ध और प्रेरणादायक अनुभव मिलेगा जो कला के प्रति उनकी समझ को और गहरा करेगा।
अभिव्यंजना नाम का मतलब ही है अभिव्यक्ति। यह छह दिन चलने वाला कार्यक्रम विद्यार्थियों की क्रिएटिविटी और उनके विचारों को सामने लाने का एक सशक्त मंच है।
- डॉ. अमित आर्य, कुलपति, सुपवा।
